मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

CJI सूर्य कांत का गुस्सा फर्जी वकील काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, CBI करे कार्रवाई | सुप्रीम कोर्ट में गरजा CJI

On: May 15, 2026 9:49 AM
Follow Us:
---Advertisement---

CJI सूर्य कांत का गुस्सा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हजारों फर्जी लोग काला कोट पहनकर घूम रहे हैं, जिनकी LLB डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। CJI ने CBI से ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। यह बयान दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट डिजिग्नेशन की देरी से जुड़ी एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की बेंच में CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों को लागू न करने का आरोप लगाया था।

CJI सूर्य कांत का गुस्सा
CJI सूर्य कांत का गुस्सा सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत की सख्त टिप्पणी चर्चा में।

CJI सूर्य कांत का गुस्सा: फर्जी वकीलों पर सख्ती

#CJI ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा:

“काले कोट पहने ऐसे हजारों फर्जी लोग घूम रहे हैं जिनकी डिग्रियों पर गंभीर संदेह है। CBI को इस मामले में कुछ करने की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग काले कोट का गलत इस्तेमाल कर न्यायपालिका की छवि खराब कर रहे हैं। CJI ने स्पष्ट किया कि वे दिल्ली के कई वकीलों की LLB डिग्री के खिलाफ CBI जांच के आदेश देने के लिए एक उचित मामला ढूंढ रहे हैं।

सीनियर एडवोकेट डिजिग्नेशन पर सवाल

जस्टिस जॉयमाला बागची ने भी सवाल उठाया:

“क्या ‘सीनियर एडवोकेट’ का टैग कोई स्टेटस सिंबल है जिसे सिर्फ सजाकर रखने के लिए दिया जाता है या फिर यह न्याय व्यवस्था में आपकी भागीदारी के लिए है?”

  • CJI ने याचिकाकर्ता वकील को चेतावनी दी कि अगर उनका बर्ताव ठीक नहीं रहा तो हाईकोर्ट
  • द्वारा दिए गए सीनियर डिजिग्नेशन को भी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर सकता है।
  • उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया वरिष्ठ पद के लिए पात्र हो सकती है, लेकिन कुछ लोग अनुशासन का पालन नहीं करते।

याचिकाकर्ता ने मांगी माफी

  • सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली।
  • CJI ने माफी स्वीकार कर आदेश वापस ले लिया, लेकिन न्याय व्यवस्था
  • पर हमला करने वाले “परजीवियों” के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की चेतावनी दी।
  • CJI ने कहा कि वकील समुदाय को ऐसे तत्वों के साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए
  • जो न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।

न्याय व्यवस्था में फर्जी वकीलों की समस्या!

भारत में वकालत पेशा बहुत ही गरिमापूर्ण माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में फर्जी डिग्री वाले लोगों द्वारा काला कोट पहनकर कोर्ट परिसर में घूमने और केस लड़ने की शिकायतें बढ़ी हैं।

मुख्य समस्याएं:

  • फर्जी LLB डिग्री
  • बिना बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस
  • क्लाइंटों से पैसे ठगना
  • न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल
  • #CJI का यह बयान न्यायिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
  • कानून मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को अब फर्जी वकीलों
  • की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।

CJI सूर्य कांत का न्याय सुधार पर फोकस

CJI जस्टिस सूर्य कांत लगातार न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और लोगों के अनुकूल बनाने पर जोर दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने फैमिली कोर्ट में बच्चों के भय को कम करने के लिए ब्लैक रोब्स हटाने का सुझाव भी दिया था।

यह घटना साबित करती है कि सुप्रीम कोर्ट न्यायपालिका की शुचिता बनाए रखने के लिए कितना गंभीर है।

CJI सूर्य कांत का सख्त रुख वकीलों की पेशेवर जिम्मेदारी और अनुशासन की याद दिलाता है। फर्जी वकीलों पर लगाम कसने से आम नागरिकों को सही कानूनी सहायता मिल सकेगी और न्याय व्यवस्था मजबूत होगी। CBI और राज्य बार काउंसिल को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए।

Read More : भारत-UAE की बड़ी गैस डील से सस्ता हो सकता है LPG! PM ने ईरानी हमलों पर जताई कड़ी नाराज़गी

Read More : पीएम मोदी यूएई पहुंचे राष्ट्रपति बिन जायद का भव्य स्वागत F-16 जेट्स ने किया एस्कॉर्ट | 5 देशों के दौरे की शुरुआत!

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment