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गंगा एक्सप्रेसवे पर फ्री सवारी खत्म! अब टोल टैक्स लागू, जानें पूरी डिटेल्स और नए रेट!

On: May 22, 2026 3:59 AM
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गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी) पर 15 दिन की मुफ्त यात्रा आज समाप्त हो गई है। 14 मई 2026 की आधी रात से अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले 80% हिस्से में टोल वसूली शुरू हो चुकी है, जबकि IRB इंफ्रास्ट्रक्चर वाले हिस्से में 15 मई की रात से टोल लगेगा। अब वाहन चालकों को दूरी के हिसाब से टोल देना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपीडा (UPEIDA) ने शुरुआती 15 दिन टोल-फ्री रखने का फैसला लिया था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नई एक्सप्रेसवे का अनुभव ले सकें।

गंगा एक्सप्रेसवे की जानकारी
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और रूट विवरण।

गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल कब और क्यों शुरू हुआ?

अब यह छूट खत्म हो गई है।

  • अडानी हिस्सा: 14 मई रात 12 बजे से टोल शुरू
  • IRB हिस्सा: 15 मई रात 12 बजे से टोल शुरू

उन्नाव के सोनिक इंटरचेंज पर टोल प्लाजा पूरी तरह एक्टिव कर दिए गए हैं। फास्टैग आधारित बैरियरलेस सिस्टम लगा है, जिससे बिना रुके टोल कट जाएगा।

टोल रेट क्या हैं? (प्रति किलोमीटर)

  • कार/जीप: ₹2.55 प्रति किमी (मेरठ से प्रयागराज तक लगभग ₹1,500–1,800)
  • हल्का कमर्शियल वाहन: ₹4.50 प्रति किमी
  • बस/ट्रक: ₹8.20 प्रति किमी (पूरी यात्रा पर ₹5,700 तक)

टोल पूरी दूरी के हिसाब से स्वतः कटेगा। एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर टोल दरों की सूची भी लगा दी गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे की खासियतें!

  • लंबाई: 594 किलोमीटर (भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे)
  • कनेक्टिविटी: मेरठ से प्रयागराज तक, 10 जिलों को जोड़ता है
  • स्पीड लिमिट: 120 किमी/घंटा
  • लागत: हजारों करोड़ रुपये
  • निर्माण: अडानी और IRB इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा

यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी UP को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज जैसे शहरों की यात्रा अब काफी तेज और आरामदायक हो गई है।

ड्राइवर्स के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  1. फास्टैग जरूर चेक करें – बैलेंस रखें, वरना पेनाल्टी लग सकती है।
  2. टोल दरों की लिस्ट – एंट्री पॉइंट पर देख लें।
  3. सुरक्षा: हाई स्पीड होने से ओवर स्पीडिंग से बचें, सीट बेल्ट लगाएं।
  4. ट्रैफिक: शुरुआती दिनों में वाहनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
  5. अपडेट: UPEIDA या आधिकारिक ऐप से लेटेस्ट जानकारी लें।

फायदे और चुनौतियां!

फायदे:

  • समय की बचत (मेरठ-प्रयागराज 6-7 घंटे में)
  • बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोनॉमिक ग्रोथ
  • कम ईंधन खपत (सीधी सड़क)
  • पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा

चुनौतियां:

  • अब यात्रा महंगी हो गई
  • छोटी दूरी पर भी टोल लगेगा
  • शुरुआती दिनों में भीड़ बढ़ने की आशंका

क्या कहते हैं अधिकारी?

सोनिक टोल मैनेजर गौरव शर्मा के अनुसार, सभी मशीनें एक्टिव हैं। 16 सदस्यीय स्टाफ व्यवस्था संभालेगा। वाहनों की संख्या पहले से 2,500-3,000 प्रतिदिन है और बढ़ने की उम्मीद है। लाइटिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी सेवाएं भी तैयार हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का प्रतीक है। 15 दिन की फ्री सवारी के बाद अब टोल सिस्टम लागू हो गया है। यह एक्सप्रेसवे राज्य की प्रगति को नई रफ्तार देगा, लेकिन वाहन चालकों को अब यात्रा लागत का ध्यान रखना होगा।

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