संजीव सान्याल कौन हैं : पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था को संवारने की जिम्मेदारी किसके कंधों पर आएगी? चर्चाओं का केंद्र बन गए हैं संजीव सान्याल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य और जाने-माने अर्थशास्त्री संजीव सान्याल को बंगाल का अगला वित्त मंत्री बनाए जाने की मजबूत संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा उन्हें नंदीग्राम सीट से उपचुनाव लड़ाकर विधायक बना सकती है।

संजीव सान्याल कौन हैं शुभेंदु अधिकारी ने छोड़ी नंदीग्राम सीट
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर सरकार बनाई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर (ममता बनर्जी की पूर्व सीट) और नंदीग्राम दोनों से जीत हासिल की। उन्होंने भवानीपुर को चुना, जिससे नंदीग्राम सीट खाली हो गई। अब इस सीट पर उपचुनाव होने वाला है।
संजीव सान्याल का नाम नंदीग्राम से जोड़कर देखा जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी
के शपथ ग्रहण समारोह में सान्याल पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे थे।
उनकी पत्नी स्मिता बरुआ भी साथ थीं। समारोह के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा – “इतिहास बनते देखा।”
4 मई को चुनाव नतीजों के बाद सान्याल ने एक अंग्रेजी कहावत शेयर की
समय का पहिया धीरे ही सही, पर घूमता जरूर है।” इसे उनकी राजनीतिक एंट्री का संकेत माना जा रहा है।
संजीव सान्याल की पृष्ठभूमि: बंगाल का बेटा, वैश्विक अर्थशास्त्री
- संजीव सान्याल का जन्म 27 अगस्त 1970 को कोलकाता में हुआ। उन्होंने सेंट जेवियर्स
- और सेंट जेम्स स्कूल से पढ़ाई की। 1989 में दिल्ली शिफ्ट हुए
- और आगे की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से की। ऑक्सफोर्ड यू
- निवर्सिटी से भी उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की।
करियर की शुरुआत उन्होंने डॉयचे बैंक से की, जहां वे मैनेजिंग डायरेक्टर तक पहुंचे। 2017 में उन्होंने बैंकिंग जॉब छोड़कर केंद्र सरकार से जुड़े। वित्त मंत्री के प्रधान आर्थिक सलाहकार के रूप में उन्होंने 6 आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
2022 से वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्णकालिक सदस्य हैं (सचिव स्तर)। वे G7, OECD और G20 जैसे मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इतिहास से गहरा नाता
- क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल (भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के गुरु) उनके रिश्तेदार हैं।
- परदादा नलिनाक्ष सान्याल अविभाजित बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे।
संजीव सान्याल लोकप्रिय इतिहासकार भी हैं। उनकी किताबें “Land of the Seven Rivers”, “The Ocean of Churn” और “Revolutionaries” काफी चर्चित हैं।
बंगाल की अर्थव्यवस्था सुधारने का प्लान
- सान्याल ने हालिया इंटरव्यू में कहा: “कोलकाता खुद नहीं मरा, उसकी हत्या की गई
- और मैं इसका गवाह हूं।” उन्होंने बंगाल की गिरती अर्थव्यवस्था
- उद्योगों के पलायन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर खुलकर बात की।
- #भाजपा उन्हें वित्त मंत्री बनाकर राज्य को औद्योगिक हब बनाने, निवेश लाने
- और रोजगार सृजन का मिशन सौंप सकती है। शुभेंदु अधिकारी फिलहाल वित्त, गृह
- शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभाग संभाल रहे हैं। सान्याल के आने से फोकस्ड आर्थिक सुधार संभव हो सकेगा।
भाजपा की रणनीति: विशेषज्ञों को राजनीति में शामिल करना
भाजपा पहले भी एस जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी जैसे विशेषज्ञों को बड़ी जिम्मेदारियां दे चुकी है। संजीव सान्याल का केस भी इसी लाइन पर है। अगर वे नंदीग्राम से जीतते हैं तो बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा – जहां technocrat सीधे राज्य की बागडोर संभालेंगे।
संजीव सान्याल की संभावित एंट्री बंगाल के लिए बड़ी खबर है। कोलकाता के बेटे का वापसी का सफर राज्य की आर्थिक पुनरुत्थान के साथ जुड़ा है। नंदीग्राम उपचुनाव और वित्त मंत्री पद – दोनों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।