Gold Rate Today : भारत में सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले के बाद घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एमसीएक्स (MCX) पर सोना 9231 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया, जबकि चांदी की कीमतों में 16675 रुपये प्रति किलो का बड़ा उछाल दर्ज किया गया।
सोने-चांदी की कीमतों में आई इस तेजी ने निवेशकों, ज्वेलर्स और आम ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। शादी-विवाह के सीजन में बढ़ती कीमतों का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।

Gold Rate Today क्यों बढ़े सोने और चांदी के दाम?
सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) बढ़ा दिया है। नई व्यवस्था के तहत कुल प्रभावी इंपोर्ट टैक्स 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार में देखने को मिला। चूंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना और चांदी विदेशों से आयात करता है, इसलिए टैक्स बढ़ने से आयात महंगा हो गया और कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं।
MCX पर क्या रहे नए भाव?
एमसीएक्स पर सोना लगभग 6% उछलकर 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं चांदी 2,95,805 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमत 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है, जबकि चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है।
सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी?
- सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और सोने-चांदी के आयात
- को नियंत्रित करना है। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है।
- पिछले वित्तीय वर्ष में भारत का सोने का आयात 24% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
- इसी कारण सरकार अब कीमती धातुओं के आयात को सीमित करने की कोशिश कर रही है।
- इससे व्यापार घाटा कम करने और रुपये को मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
- सोने और चांदी की कीमतों में तेजी से निवेशकों को फायदा मिल सकता है।
- जिन लोगों ने पहले निवेश किया था, उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ सकती है।
- दूसरी ओर नए निवेशकों के लिए निवेश करना महंगा हो गया है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, लोग अब फिजिकल गोल्ड की बजाय Gold ETF और डिजिटल गोल्ड
- की तरफ ज्यादा आकर्षित हो सकते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक भारत
- में गोल्ड ETF निवेश में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।
ज्वेलरी बाजार पर पड़ेगा असर
सोने की कीमत बढ़ने से ज्वेलरी बाजार पर भी असर पड़ सकता है। शादी और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि भारत में सोने की सांस्कृतिक और पारंपरिक मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए मांग पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम है।
कई ज्वेलर्स का मानना है कि बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहक पुराने सोने की एक्सचेंज स्कीम का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल है?
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली
- लेकिन भारत में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के कारण घरेलू कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं।
- इसका मतलब है कि भारतीय बाजार पर सरकार की नीति का सीधा असर पड़ रहा है।
क्या आगे और महंगा होगा सोना?
- मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और महंगाई का दबाव जारी रहा
- तो सोने और चांदी की कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। इसके अलावा अगर सरकार
- भविष्य में इंपोर्ट ड्यूटी में और बदलाव करती है, तो बाजार में फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।
- विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की स्थिति को समझकर ही निवेश करें।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद भारत में सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड तेजी के साथ महंगे हो गए हैं। सोने में 9231 रुपये और चांदी में 16675 रुपये की बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल मचा दी है। आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों दोनों को सावधानी के साथ फैसला लेना चाहिए।
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