Bitcoin Price Today : 9 अप्रैल 2026 को क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद बिटकॉइन की कीमत तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग सेशन में बिटकॉइन की कीमत 72,841 डॉलर तक पहुंच गई, जो 18 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने और दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा की। इस खबर से ग्लोबल मार्केट में राहत की लहर दौड़ गई। हॉर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं। जब जियो-पॉलिटिकल तनाव कम होता है, तो निवेशक जोखिम वाले एसेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी शेयर और अन्य हाई-रिस्क इन्वेस्टमेंट की ओर रुख करते हैं।

Bitcoin Price Today सीजफायर की खबर ने बदली बाजार की दिशा
इसी राहत रैली का फायदा बिटकॉइन को सबसे ज्यादा मिला। युद्ध की आशंका के दौरान बिटकॉइन 60,000 से 75,000 डॉलर के बीच फंसकर रह गया था। सीजफायर की पॉजिटिव न्यूज ने निवेशकों का कॉन्फिडेंस वापस लौटाया और खरीदारी बढ़ गई।
क्रिप्टो मार्केट का पूरा हाल
- बिटकॉइन की तेजी सिर्फ अकेले नहीं रही। पूरा क्रिप्टो मार्केट झूम उठा। Ethereum (ETH)
- में 7.5% की जोरदार उछाल देखी गई और यह 2,273 डॉलर तक पहुंच गया।
- अन्य अल्टकॉइन्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
- महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिका में लिस्टेड स्पॉट Bitcoin ETF में सोमवार को 471.3 मिलियन डॉलर
- का नेट इनफ्लो देखा गया। यह पिछले हफ्ते के 22.3 मिलियन डॉलर से काफी ज्यादा है।
- संस्थागत निवेशकों की वापसी के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।
- पिछले 24 घंटों में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन लिक्विडेट हो गईं
- जिससे बेयरिश ट्रेडर्स को बड़ा झटका लगा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
- क्रिप्टो विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल राहत रैली है। अगर सीजफायर टूट गया
- तो बिटकॉइन की कीमत 66,000 डॉलर तक गिर सकती है। वहीं, अगर कीमत 73,500 डॉलर
- के ऊपर स्थिर रहती है तो 80,000 डॉलर तक जाने की संभावना है।
- ब्लूमबर्ग और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में भी यही राय जताई गई है कि जियो-पॉलिटिकल हालात आगे
- की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट है, लेकिन सतर्कता बरतनी होगी।
बिटकॉइन निवेश के लिए क्या करें?
क्रिप्टोकरेंसी बाजार हमेशा से ही बहुत volatile रहा है। सीजफायर जैसी खबरें बाजार को तुरंत प्रभावित करती हैं, लेकिन लंबे समय में बिटकॉइन की वैल्यू हॉल्डिंग, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन पर निर्भर करती है।
भारतीय निवेशकों को याद रखना चाहिए कि भारत में क्रिप्टो पर टैक्स नियम सख्त हैं। 30% टैक्स और 1% TDS लागू होता है। इसलिए कोई भी निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें। यह लेख निवेश सलाह नहीं है। क्रिप्टो में निवेश जोखिमों के अधीन है।
आगे क्या हो सकता है बिटकॉइन प्राइस का?
- अगर सीजफायर टिका रहा और तेल कीमतें स्थिर रहीं तो बिटकॉइन 75,000-80,000 डॉलर के स्तर को छू सकता है।
- वैश्विक इकोनॉमी में सुधार और ज्यादा ETF इनफ्लो से मजबूती मिल सकती है।
- लेकिन कोई नई जियो-पॉलिटिकल तनाव या रेगुलेटरी न्यूज बाजार को फिर से नीचे ले जा सकती है।
- निवेशकों को सलाह है कि छोटे-छोटे निवेश करें और मार्केट ट्रेंड पर नजर बनाए रखें।
- लॉन्ग टर्म में बिटकॉइन को डिजिटल गोल्ड माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव सामान्य है।
ट्रंप के सीजफायर ऐलान ने क्रिप्टो मार्केट को नई उम्मीद दी है। बिटकॉइन 72,841 डॉलर के स्तर पर पहुंचकर तीन हफ्ते का हाई बना चुका है। Ethereum समेत पूरा मार्केट पॉजिटिव मोड में है। लेकिन याद रखें, क्रिप्टो बाजार अनिश्चितताओं से भरा है। स्मार्ट इन्वेस्टमेंट और सतर्कता ही सफलता की कुंजी है।
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