गोल्ड प्राइस टुडे 2026 : 15 अप्रैल 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। COMEX पर सोना $4,855 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी $79 प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रही है। पिछले सत्र में सोने में 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो लगातार दूसरे दिन की तेजी है। भारतीय बाजार में भी इसका असर दिख रहा है, जहां 10 ग्राम सोने के भाव ₹1,54,000 से ₹1,55,000 के रेजिस्टेंस लेवल के आसपास माने जा रहे हैं।
यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत की नई उम्मीदों से आई है। ब्लूमबर्ग और न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आने वाले दो दिनों में बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। पाकिस्तान में हुई पिछली बातचीत नाकाम रहने के बाद अब नई उम्मीद जगी है। इससे ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस की चिंताएं कुछ हद तक कम हुईं और डॉलर इंडेक्स में 0.3% की गिरावट आई, जिससे प्रीशियस मेटल्स को सपोर्ट मिला।

गोल्ड प्राइस टुडे 2026 (15 अप्रैल 2026)
- अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX):
- सोना: $4,855 प्रति औंस (पिछले सत्र में +2% से ज्यादा)
- चांदी: $79 प्रति औंस
- भारतीय बाजार (अनुमानित):
- 24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹1,54,000 – ₹1,55,000 के आसपास
- चांदी: ₹2,46,000 प्रति किलो के रेजिस्टेंस लेवल पर
नोट: वास्तविक भाव MCX, लोकल ज्वेलर्स और रूपए के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करते हैं। निवेश से पहले लाइव रेट चेक करें।
क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में उछाल के कई कारण हैं:
- जियोपॉलिटिकल टेंशन: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और एनर्जी क्राइसिस की आशंका से निवेशक सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven) की ओर भाग रहे हैं।
- US-ईरान टॉक्स: ट्रंप के सकारात्मक संकेतों से बाजार में सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ।
- अगर बातचीत सफल रही तो थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है।
- डॉलर में कमजोरी: डॉलर इंडेक्स के गिरने से डॉलर में डिनॉमिनेटेड सोना-चांदी सस्ता पड़ता है, इसलिए विदेशी खरीदार बढ़े।
- ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स: मुद्रास्फीति, ब्याज दरों की उम्मीदें और स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं? टारगेट प्राइस
एक्सपर्ट रेनिशा (Augmon) के अनुसार, सोना और चांदी अभी भी बुल रन (तेजी की रफ्तार) पर सवार हैं, लेकिन आगे का रास्ता अनिश्चितताओं से भरा हुआ है।
सोने के टारगेट:
- मौजूदा रेजिस्टेंस: $4,800 – $4,850 (भारतीय भाव ₹1,54,000 – ₹1,55,000)
- अगर यह स्तर टूटा तो अगला टारगेट: $5,000 प्रति औंस (लगभग ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम)
चांदी के टारगेट:
- मौजूदा रेजिस्टेंस: $77 (लगभग ₹2,46,000 प्रति किलो)
- ब्रेक होने पर टारगेट: $82 – $87 (₹2,55,000 – ₹2,65,000 प्रति किलो)
- रेनिशा ने कहा, “सोने और चांदी इस समय भी बुल रन पर सवार हैं।
- हालांकि, आगे का रास्ता काफी अनिश्चितताओं से भरा हुआ है।”
- उन्होंने साफ किया कि यह निवेश सलाह नहीं है। बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?
भारत में सोना और चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की ताकत और लोकल डिमांड पर निर्भर करता है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी बनी रही और रुपया स्थिर रहा तो घरेलू बाजार में भी भाव ऊंचे रह सकते हैं। शादी-ब्याह के सीजन, त्योहारों और निवेश की मांग से चांदी में खास उछाल देखा जा सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डाइवर्सिफिकेशन के लिए पोर्टफोलियो में 5-10% सोना रखना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सावधानी बरतें। MCX फ्यूचर्स, गोल्ड ETF, सोवरेन गोल्ड बॉन्ड या फिजिकल गोल्ड में निवेश के विकल्प उपलब्ध हैं।
आगे क्या हो सकता है?
- अगर US-ईरान बातचीत सकारात्मक रही तो कीमतों में कुछ सुधार (Correction) आ सकता है।
- अगर तनाव बढ़ा तो सोना $5,000 और चांदी $85+ के स्तर छू सकती है।
- रुपये में कमजोरी भी घरेलू भाव बढ़ा सकती है।
निवेशकों को लाइव अपडेट, टेक्निकल एनालिसिस और फंडामेंटल फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए। गोल्ड और सिल्वर हाई वोलेटाइलिटी वाले एसेट्स हैं, इसलिए जोखिम सहनशक्ति के अनुसार ही निवेश करें।
15 अप्रैल 2026 को सोने-चांदी में आई तेजी ने बाजार को फिर से आशा दी है। भू-राजनीतिक घटनाएं, डॉलर की गति और ग्लोबल डिमांड आगे की दिशा तय करेंगी। चाहे आप निवेशक हों या ज्वेलरी खरीदने वाले, लाइव भाव चेक करना और एक्सपर्ट ओपिनियन लेना जरूरी है।