TCS नासिक मामले : नासिक (महाराष्ट्र) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट में एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते शुरू हुई घटना अब यौन उत्पीड़न और धार्मिक रूपांतरण के गंभीर आरोपों में बदल गई है। पुलिस ने 7 TCS कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी दानिश शेख पर महिला कर्मचारी को शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और उसके धर्म को प्रभावित करने का आरोप है।
यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, POSH एक्ट और धार्मिक सहिष्णुता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। आइए पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं।

TCS नासिक मामले क्या है पूरा मामला? घटना का क्रम
फरवरी 2026 में नासिक की एक स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत की कि TCS के बीपीओ यूनिट में काम करने वाली एक हिंदू महिला (20 वर्ष के आसपास) रमजान के दौरान रोजा रख रही है और उसके पहनावे में बदलाव आया है। इस टिप-ऑफ के बाद पुलिस ने गुप्त जांच शुरू की।
- जांच में सामने आया कि TCS कर्मचारी दानिश शेख के साथ उस महिला का एक्स्ट्रा मैरिटल
- अफेयर चल रहा था। ऑफिस में कई लोग इस रिश्ते से वाकिफ थे। महिला दानिश के
- लिए घंटों इंतजार करती थी और उसके प्रभाव में आकर व्रत रखने और उसके धर्म के अनुसार कपड़े पहनने लगी थी।
महिला के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि दानिश ने शादी और दो बच्चों की बात छुपाकर महिला को शादी का झांसा दिया और यौन संबंध बनाए। यह बलात्कार की श्रेणी में आता है। साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और जबरन प्रभावित करने के आरोप भी लगे।
- पुलिस ने 9 FIR दर्ज कीं, जिनमें यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं को ठेस और रूपांतरण से जुड़े
- आरोप शामिल हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने महिलाओं के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए।
- कुल 7 TCS कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दानिश शेख मुख्य आरोपी है।
- पुणे स्थित ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी पर भी मौखिक शिकायतों को दबाने का आरोप है और उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
आरोपी कौन-कौन हैं?
गिरफ्तार कर्मचारियों में शामिल हैं:
- दानिश शेख (34)
- शफी शेख (34)
- आसिफ अंसारी (22)
- तौसिफ अत्तर (36)
- शाहरुख कुरैशी (34)
- रजा मेमन (35)
- और अन्य
एक महिला आरोपी निदा खान फरार बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों में से कई ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और कार्यस्थल को असुरक्षित बनाया।
TCS कंपनी की प्रतिक्रिया!
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने मामले को गंभीरता से लिया है। सभी 7 आरोपी कर्मचारियों
- को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि TCS कार्यस्थल पर सुरक्षा
- मर्यादा और महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। कंपनी पुलिस जांच में पूरी सहयोग कर रही है।
यह मामला IT सेक्टर में POSH (Prevention of Sexual Harassment) एक्ट की प्रभावी क्रियान्विति पर सवाल उठा रहा है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी कंपनियों को आंतरिक शिकायत समितियों को और मजबूत करना चाहिए।
बचाव पक्ष का तर्क
- गिरफ्तार कर्मचारियों के परिवारवालों ने आरोपों को साजिश और निजी रंजिश बताया है।
- दानिश की पत्नी का कहना है कि ऑफिस में रिश्ता सबको पता था, लेकिन वह स्वैच्छिक था।
- उन्होंने दावा किया कि उनका पति हमेशा शाकाहारी टिफिन ले जाता था
- ताकि सहकर्मियों को कोई असुविधा न हो। ऐसे व्यक्ति कैसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है?
- कुछ लोगों का तर्क है कि हंसी-मजाक या व्यक्तिगत पसंद को अपराध बना दिया गया है।
- एक आरोपी इंजीनियर तो मात्र 3 महीने पहले कॉलेज प्लेसमेंट से कंपनी जॉइन किया था।
धार्मिक रूपांतरण का पहलू
मामले में सबसे संवेदनशील मुद्दा धार्मिक रूपांतरण का है। पुलिस जांच में सबूत मिले हैं कि कुछ कर्मचारियों ने महिलाओं को अपने धर्म के रीति-रिवाज अपनाने के लिए प्रभावित किया। महिलाओं ने SIT के सामने बयान दिया कि उन्हें व्रत रखने और पहनावे बदलने के लिए प्रेरित किया गया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कोई बड़ी साजिश नहीं लगती, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर प्रभाव का मामला है।
यह घटना महाराष्ट्र में धार्मिक सद्भाव और कार्यस्थल पर सांस्कृतिक संवेदनशीलता को लेकर नई चर्चा शुरू कर रही है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे क्या?
पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया है। सभी बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज हैं। SIT निष्पक्ष जांच कर रही है और जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
यह मामला कार्यस्थल यौन उत्पीड़न, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर IT इंडस्ट्री के लिए सबक है। NITES (Nasik IT Employees Union) जैसी संस्थाओं ने पूरे महाराष्ट्र में POSH ऑडिट कराने की मांग की है।
TCS नासिक का यह मामला दिखाता है कि कार्यस्थल पर छोटी-छोटी घटनाएं कितनी गंभीर रूप ले सकती हैं। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से शुरू हुई कहानी अब यौन शोषण और धार्मिक भावनाओं से जुड़ गई है। TCS जैसी प्रतिष्ठित कंपनी का त्वरित एक्शन सराहनीय है, लेकिन पूरे IT सेक्टर को अपनी पॉलिसी पर फिर से विचार करना होगा।
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