अयोध्या राम मंदिर : अयोध्या की राम नगरी में महाशिवरात्रि 2026 का उत्साह चरम पर है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर इस पावन पर्व पर भगवान भूतभावन शंकर और माता पार्वती के दिव्य विवाहोत्सव से गूंज उठेगा। मंदिर को सुगंधित और रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया जाएगा। फूलों का ऑर्डर पहले ही दे दिया गया है, जिससे पूरा परिसर दिव्य आभा से भर जाएगा।
राम मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां महाशिवरात्रि के अवसर पर राम मंदिर में भगवान शिव और मां पार्वती के विवाहोत्सव का विशेष आयोजन होगा। राम मंदिर के प्रवेश द्वार जैसे आद्य गुरु जगद्गुरु रामानंदाचार्य प्रवेश द्वार सहित अन्य द्वारों को भी फूलों से सजाने पर विचार-विमर्श चल रहा है। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि पूरी तैयारी जोरों पर है ताकि भक्तों को दिव्य अनुभव मिले।

रुद्राभिषेक के साथ विशेष पूजा महाशिवरात्रि
रविवार, 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन कुबेर नवरत्न टीला पर स्थित कुबेरेश्वर महादेव और राम मंदिर परकोटे के छह शिवालयों में रुद्राभिषेक के साथ विशेष पूजन होगा। ये शिवालय दर्शनार्थियों के लिए खुले रहेंगे। मंदिर निर्माण एजेंसियों के अधिकारी, कर्मचारी, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यकर्ता और पुजारी यहां दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
भगवान का विशेष श्रृंगार
दिन भर के अनुष्ठानों के बाद सायंकाल गोधूलि बेला में भगवान का विशेष श्रृंगार होगा। भोलेनाथ के दूल्हे जैसे श्रृंगार के लिए उज्जैन से विशेष श्रृंगारियों को बुलाया गया है। यह श्रृंगार लगभग दो घंटे चलेगा और भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
- भगवान की महाआरती और वैदिक अनुष्ठान श्रृंगार पूरा होने पर झांकी का अनावरण होगा।
- इसके बाद महाआरती होगी। वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव-पार्वती का विवाह संपन्न होगा।
- इस दौरान राम मंदिर में भक्तों का दर्शन अनवरत जारी रहेगा।
- परंपरागत बारात महाशिवरात्रि पर नागेश्वर नाथ मंदिर से भगवान शिव
- की परंपरागत बारात निकलेगी। बारात में लोक नृत्य दल, बाजे-गाजे और धूमधाम होगी।
- भगवान शिव का स्वरूप नंदी स्वरूप रथ पर सवार होकर आकर्षण का केंद्र बनेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रि जागरण
- महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। वे राम मंदिर और प्रमुख शिवालयों
- में दर्शन-पूजन करेंगे। अंगद टीला पर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विवाहोत्सव मनाया जाएगा।
- रात्रि जागरण में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। अंगद टीला पर जाने में कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
- यह पर्व शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। भक्त व्रत, जागरण और पूजा से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करते हैं।
- राम मंदिर में यह आयोजन राम और शिव के अनंत संबंध को दर्शाता है।
- अयोध्या फूलों और सजावट से जगमगा रही है। भक्तों को समय से पहुंचने और व्यवस्था का पालन करने की सलाह है।
- महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
- अयोध्या में यह उत्सव यादगार बनेगा। जय भोलेनाथ! जय श्री राम!