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असम में मतदाता सूची से हटाए गए 2.43 लाख नाम हिमंता बिस्वा सरमा बोले – ‘यह तो बस शुरुआत है CM की सीट जलुकबाड़ी में 4300+ नाम कटे

On: February 12, 2026 8:11 AM
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असम में मतदाता सूची : असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बड़ा अपडेट आया है। चुनाव आयोग ने विशेष पुनरीक्षण (Special Revision – SR) के बाद राज्य की अंतिम मतदाता सूची मंगलवार (10 फरवरी 2026) को जारी कर दी। इसमें मसौदा सूची (ड्राफ्ट लिस्ट) से 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। कुल मतदाताओं की संख्या अब 2.49 करोड़ से अधिक है, जो ड्राफ्ट लिस्ट से 0.97% कम है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे ‘संदिग्ध मतदाताओं’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया और कहा कि “यह तो बस शुरुआत है, आगे और नाम हटाए जाएंगे।”

कितने नाम हटे और क्यों?

असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनुराग गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अंतिम सूची त्रुटिमुक्त बनाने के लिए विशेष पुनरीक्षण किया गया। इसमें घर-घर जाकर वेरिफिकेशन हुआ, जिसमें 61 लाख से ज्यादा घरों की जांच की गई। हटाए गए नामों में शामिल हैं:

  • मृतक व्यक्तियों के नाम
  • एक से ज्यादा जगह पर दर्ज मतदाता (डुप्लिकेट एंट्री)
  • जरूरी दस्तावेजों के बिना शामिल लोग
  • संदिग्ध या D-वोटर (डाउटफुल वोटर) कैटेगरी के नाम

राज्य के 35 जिलों में से 24 जिलों में मतदाताओं की संख्या घटी, जबकि 11 जिलों में बढ़ी। मुस्लिम बहुल जिलों में कुछ जगह वृद्धि हुई, लेकिन आदिवासी बहुल और BTR (बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन) के जिलों में बड़ी गिरावट आई। कामरूप (मेट्रो) और गुवाहाटी वाले क्षेत्रों में भी कमी दर्ज हुई।

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CM हिमंता बिस्वा सरमा की सीट पर क्या हुआ?

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की जलुकबाड़ी विधानसभा सीट (कामरूप मेट्रो जिला) में सबसे ज्यादा चर्चा हुई। यहां ड्राफ्ट लिस्ट में 2,10,624 मतदाता थे, लेकिन अंतिम सूची में सिर्फ 2,06,314 रह गए। यानी 4,310 नाम हटाए गए (2.05% कमी)। इनमें 2,754 पुरुष, 1,555 महिलाएं और 1 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। सरमा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने धमकियों के बावजूद ‘संदिग्ध मतदाताओं’ के खिलाफ शिकायतें दर्ज कीं, जिससे लाखों नाम कटे। उन्होंने दावा किया कि “यह सिर्फ शुरुआत है, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में और नाम हटेंगे।”

राजनीतिक विवाद और प्रतिक्रिया!

  • यह प्रक्रिया काफी विवादास्पद रही। सरमा ने इसे ‘मियाँ’ (बंगाली मूल के मुस्लिम) मतदाताओं को
  • असहज करने की कार्रवाई बताया। विपक्षी पार्टियां जैसे कांग्रेस ने इसे चुनावी हेरफेर करार दिया।
  • CEO गोयल ने कहा कि अन्य राज्यों में भी SIR के दौरान मतदाताओं की संख्या घटी है,
  • यह सामान्य है। असम में NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) का मुद्दा लंबे समय से गर्म है,
  • और यह SR उससे जुड़ा माना जा रहा है।

असम चुनाव 2026 के लिए क्या मायने?

  • #असम में अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंतिम मतदाता सूची
  • में कुल 31,486 मतदान केंद्र होंगे। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास है
  • लेकिन इससे राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। खासकर मुस्लिम बहुल और आदिवासी
  • क्षेत्रों में बदलाव से पार्टियों की रणनीति प्रभावित होगी।

असम में मतदाता सूची से 2.43 लाख नाम हटना एक बड़ा कदम है, जिसे CM हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘संदिग्धों’ के खिलाफ जीत बताया। लेकिन यह विवादों में भी घिरा है। अगर आप असम के वोटर हैं तो CEO असम की वेबसाइट पर अपना नाम चेक कर लें। चुनाव से पहले यह सूची बहुत महत्वपूर्ण है। क्या आपको लगता है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष थी? कमेंट में बताएं!

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