गोल्ड प्राइस इंडिया : भारतीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतें इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं। 21 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1,59,280 के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी भी ₹2,75,000 प्रति किलो के स्तर पर है। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में सोना ₹1,75,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3,50,000 प्रति किलो तक जा सकती है। इसका मुख्य कारण है अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया गया है। फैसले के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने दुनिया भर पर 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया, जिससे वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है।
US सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या था?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति ट्रंप इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत एकतरफा ग्लोबल टैरिफ नहीं लगा सकते। इससे पहले लगाए गए 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ निरस्त हो गए। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे भारत के 55 प्रतिशत निर्यात पर अब सिर्फ 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो पहले से बेहतर है। लेकिन ट्रंप ने फैसले की आलोचना की और नए 10 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान कर दिया। इससे वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जो सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) के लिए सकारात्मक है।

विशेषज्ञों की भविष्यवाणी
एसएस वेल्थस्ट्रीट्स की सुगंधा सचदेवा ने कहा, “टेक्निकल चार्ट के अनुसार सोना ₹1,49,800 के सपोर्ट पर है। अगर यह स्तर टूटा तो ₹1,61,000 और फिर ₹1,75,000 तक जा सकता है।” चांदी के बारे में उन्होंने कहा, “चांदी ₹2,25,000 के सपोर्ट पर है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता से यह ₹3,50,000 तक पहुंच सकती है।” ट्रंप की आलोचना और नए टैरिफ से अनिश्चितता बढ़ी है, जो सोने-चांदी के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीमा श्रीवास्तव ने कहा, “यह फैसला 18 प्रतिशत टैरिफ खत्म करता है, जिससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी। लेकिन रणनीतिक सामानों जैसे स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल्स और सेमीकंडक्टर्स पर टैरिफ जारी रहेंगे।”
बाजार पर असर और अन्य फैक्टर
- गिफ्टी निफ्टी में 200 अंकों की तेजी आई, जो घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक सेंटिमेंट दिखाता है।
- वैश्विक स्तर पर सोना $5,071 प्रति औंस के आसपास पहुंचा, जबकि डॉलर मजबूत हुआ।
- भारत में सोने की मांग बढ़ रही है, क्योंकि अनिश्चितता के समय निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं।
- हालांकि, कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि टैरिफ का असर सीमित रहेगा, लेकिन अनिश्चितता से कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
- वर्तमान में सोना और चांदी में तेजी है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय में अनिश्चितता सोने-चांदी को सपोर्ट करेगी।
- निवेश से पहले स्थानीय जौहरी या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।
- लाइव हिंदुस्तान किसी भी निवेश की सिफारिश नहीं करता, ये सिर्फ एक्सपर्ट ओपिनियन हैं।
यह फैसला न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक बाजारों पर असर डालेगा। भारत के निर्यातकों को फायदा हो सकता है, लेकिन ट्रंप के नए कदम से ट्रेड वॉर की आशंका बनी हुई है। सोना और चांदी के निवेशक इस समय सतर्क रहें और बाजार की निगरानी करें।