सोने की रामचरितमानस अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी हालिया चर्चाओं के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सोने से मढ़ी गई रामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है। ट्रस्ट ने इस दावे के समर्थन में तस्वीरें भी जारी कीं और कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई यह बहुमूल्य धार्मिक धरोहर ट्रस्ट की सुरक्षित निगरानी में रखी गई है।
यह स्पष्टीकरण उस समय सामने आया जब पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मीनारायणन ने आरोप लगाया था कि उनके परिवार द्वारा दान की गई स्वर्णमंडित रामचरितमानस अब सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रही है और उसकी स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।

क्या है पूरा मामला?
- पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मीनारायणन और उनके परिवार ने वर्ष 2024 में श्रीराम जन्मभूमि
- तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की स्वर्णमंडित रामचरितमानस भेंट की थी।
- उनका कहना था कि शुरुआती महीनों में यह रामचरितमानस श्रद्धालुओं
- के दर्शन के लिए प्रदर्शित की गई थी, लेकिन बाद में उसे वहां से हटा दिया गया।
- इसके बाद उन्होंने कई बार ट्रस्ट से जानकारी मांगी और पारदर्शिता की मांग उठाई।
ट्रस्ट ने जारी की तस्वीरें!
विवाद बढ़ने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने रामचरितमानस की नई तस्वीरें जारी कीं। ट्रस्ट ने कहा कि:
- रामचरितमानस सुरक्षित है।
- इसे सुरक्षा मानकों के अनुसार संरक्षित रखा गया है।
- किसी भी धार्मिक धरोहर के गायब होने की खबर गलत और भ्रामक है।
- सभी बहुमूल्य दान की वस्तुओं का उचित रिकॉर्ड रखा जाता है।
ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर में आने वाले सभी बहुमूल्य उपहारों को हमेशा सार्वजनिक प्रदर्शन पर रखना संभव नहीं होता। सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है।
पूर्व गृह सचिव ने क्या आरोप लगाए?
एस. लक्ष्मीनारायणन ने कहा कि यह रामचरितमानस उनके परिवार की वर्षों की आस्था और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में इसे श्रद्धालुओं के लिए प्रदर्शित किया गया था, लेकिन बाद में बिना स्पष्ट कारण के हटा दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब लोगों ने उनसे पूछना शुरू किया कि उनकी भेंट सुरक्षित है या नहीं, तब उन्होंने ट्रस्ट और संबंधित अधिकारियों से जानकारी मांगी। उनका मुख्य आग्रह केवल पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था।
दान विवाद के बीच बढ़ी चर्चा
- राम मंदिर में दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच पहले से ही चल रही है।
- इसी कारण स्वर्णमंडित रामचरितमानस को लेकर उठे सवालों ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया।
- हालांकि ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष धार्मिक ग्रंथ के सुरक्षित
- होने को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए और जारी तस्वीरें उसी का प्रमाण हैं।
सोने की रामचरितमानस जांच एजेंसियां भी कर रही हैं जांच
- दान से जुड़े अलग-अलग आरोपों की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।
- जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दान प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई या नहीं।
- अब तक कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और संबंधित मामलों की जांच जारी है।
- हालांकि स्वर्णमंडित रामचरितमानस के संबंध में ट्रस्ट ने दोहराया है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या संदेश?
राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर में प्राप्त प्रत्येक दान का उचित रिकॉर्ड रखा जाता है और सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार उनका संरक्षण किया जाता है।
ट्रस्ट का कहना है कि बहुमूल्य धार्मिक वस्तुओं को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से उन्हें समय-समय पर अलग सुरक्षित स्थानों पर रखा जा सकता है।
सोने की रामचरितमानस को लेकर उठे विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने तस्वीरें जारी कर यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि धार्मिक ग्रंथ पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं पूर्व गृह सचिव एस. लक्ष्मीनारायणन पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी की मांग पर कायम हैं। अब इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और ट्रस्ट की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।