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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर उखड़ी तारकोल की परत, सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल!

On: August 22, 2026 4:05 AM
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क धंसने और मरम्मत के बाद अब कई जगह तारकोल की परत उखड़ने की समस्या सामने आई है। एक्सप्रेसवे के निर्माण और बार-बार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है। हालिया घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और सड़क की टिकाऊ गुणवत्ता पर चिंता बढ़ा दी है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
#लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर उखड़ी तारकोल की परत

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर क्या हुआ?

#लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार बारिश के बीच अलग-अलग स्थानों पर सड़क को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कहीं सड़क धंसने की समस्या हुई तो कहीं डामर यानी तारकोल की ऊपरी परत उखड़ती दिखाई दी। कुछ स्थानों पर मरम्मत के बाद दोबारा क्षति सामने आने से यह सवाल भी उठ रहा है कि सड़क की मरम्मत कितनी टिकाऊ है।

  • Live Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर पहले सड़क धंसने के बाद
  • जिन हिस्सों की मरम्मत की गई थी, उनमें भी कुछ जगहों पर तारकोल उखड़ने की समस्या सामने आई।
  • इससे सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

कुछ दिन पहले हुई मरम्मत भी उखड़ी

रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन में बेहटा के पास किलोमीटर 63.9 पर कुछ दिन पहले मरम्मत की गई थी। लेकिन नया डाला गया तारकोल कई जगह से उखड़ने लगा। क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास वाहनों को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए ट्रैफिक कोन लगाए गए।

इसी तरह कानपुर-लखनऊ लेन में किलोमीटर 32.8 से 33.1 के बीच भी कई जगह तारकोल उखड़ा हुआ बताया गया है। इससे यह चिंता बढ़ी है कि बारिश और लगातार यातायात के बीच सड़क की ऊपरी परत कितनी मजबूती से टिक पाएगी।

सड़क धंसने की घटनाएं भी आईं सामने

  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर केवल तारकोल उखड़ने की समस्या नहीं है।
  • इससे पहले कई जगह सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
  • एक रिपोर्ट में हसनापुर के पास करीब 10 मीटर के दायरे में सड़क धंसने की जानकारी दी गई थी।
  • इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से और उसके आसपास की सड़क को हटाकर मरम्मत का काम शुरू किया गया था।
  • एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं ने भी
  • काफी ध्यान आकर्षित किया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क धंसने की घटना उद्घाटन
  • के करीब 22 दिन बाद सामने आई थी। लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत
  • से बने इस एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर इसके बाद सवाल उठने लगे।

निर्माण गुणवत्ता की जांच क्यों जरूरी?

  • बार-बार सड़क धंसने, तारकोल उखड़ने और दूसरे हिस्सों में नुकसान की खबरों के बाद
  • एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। इसी वजह से थर्ड पार्टी जांच भी कराई जा रही है।

Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जांच के लिए चार कंपनियों को थर्ड पार्टी सर्वे का काम दिया गया है। जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों से मिट्टी, बिटुमिन और कंक्रीट समेत निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए हैं। कुल 61 स्थानों पर छेद करके 122 सैंपल लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की जाएगी।

इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि सड़क के क्षतिग्रस्त होने के पीछे निर्माण सामग्री, मिट्टी, जल निकासी, सड़क की परतों या किसी अन्य तकनीकी कारण की भूमिका है या नहीं।

बारिश को भी माना जा रहा है बड़ी वजह

  • उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई तेज बारिश के कारण कई एक्सप्रेसवे और सड़कों
  • पर जलभराव, मिट्टी कटाव और सड़क धंसने जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
  • विशेषज्ञों की शुरुआती जांच में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में कमजोर और
  • ज्यादा प्लास्टिक वाली मिट्टी तथा सड़क के नीचे पानी फंसने को संभावित कारणों में शामिल किया गया है।
  • हालांकि किसी भी क्षति का अंतिम कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से सामने आएगा।
  • इसलिए केवल बारिश को जिम्मेदार मानना भी जल्दबाजी होगी।

यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच तेज और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर किसी भी तरह की दरार, धंसाव या सड़क की ऊपरी परत उखड़ने की समस्या को समय रहते ठीक करना जरूरी है।

बार-बार मरम्मत और डायवर्जन होने से यात्रियों को परेशानी के साथ-साथ एक्सप्रेसवे पर भरोसा भी प्रभावित हो सकता है। हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि लगातार क्षति और मरम्मत के कारण कुछ वाहन पुराने हाईवे की ओर लौटे हैं।

जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज

  • अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बार-बार सड़क खराब क्यों हो रही है।
  • थर्ड पार्टी जांच और लैब में निर्माण सामग्री के परीक्षण के बाद तस्वीर ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।
  • यदि निर्माण सामग्री या डिजाइन में कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करना जरूरी होगा।
  • वहीं अगर बारिश, जल निकासी या मिट्टी की समस्या मुख्य कारण निकलती है
  • तो उसके लिए स्थायी तकनीकी समाधान तैयार करना होगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के बाद अब तारकोल की परत उखड़ने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता पर बहस तेज कर दी है। कुछ हिस्सों में हाल ही में की गई मरम्मत के बाद भी सड़क की ऊपरी परत खराब होने की खबर सामने आई है। एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं और विशेषज्ञों की जांच के बाद वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।

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