होर्मुज टोल : डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल वसूलने का अधिकार अब अमेरिका का है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान युद्ध में हार चुका है, इसलिए अब शर्तें अमेरिका तय करेगा।
7 अप्रैल 2026 को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने साफ कहा, “हम विजेता हैं, इसलिए होर्मुज में शुल्क लगाने का अधिकार भी हमारे पास है।” उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अगर ईरान समझौता नहीं करता तो उसके सारे पावर प्लांट और पुल उड़ा दिए जाएंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से गुजरने वाले जहाज दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन करते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण ईरान ने इस रास्ते को बंद कर रखा है। ईरान का कहना है कि स्थायी युद्धविराम होने तक होर्मुज नहीं खोला जाएगा।
- इस बंदी के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। तेल की कीमतों में उछाल आया है
- और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ट्रंप का सख्त रुख और नई समयसीमा
ट्रंप ने कहा कि ईरानी जनता खुद अपनी सरकार के खिलाफ ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी के लिए कुछ तकलीफ उठाने को तैयार हैं।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पुरानी धमकी को दोहराते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ
- तो ईरान को “पाषाण युग” में वापस भेज दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 दिन की
- समयसीमा बढ़ाकर अब मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे)
- तक कर दी गई है। इसके बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
- #ट्रंप का मुख्य शर्त यह है कि होर्मुज से तेल की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।
- जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है
- तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा, “जीत हमारी है।
- वे सैन्य रूप से हार चुके हैं। अब टोल हम वसूलेंगे।”
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री की चेतावनी
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने ट्रंप को “मूर्ख राष्ट्रपति” बताते हुए कहा कि अमेरिका को खाड़ी देशों के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने अरब देशों के नेताओं से अपील की कि वे ट्रंप को सबक सिखाएं और पूरे क्षेत्र को अंधेरे में डूबने से बचाएं।
होर्मुज टोल की योजना और आत्मविश्वास
ट्रंप ने दावा किया कि उनके पास होर्मुज में टोल वसूली की ठोस योजना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर नहीं है क्योंकि उसकी अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बहुत मजबूत हो चुकी है।
ट्रंप ने शासन परिवर्तन (Regime Change) के सवाल पर भी साफ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे बहुत अच्छे होंगे।
वैश्विक प्रभाव और चिंताएं!
- होर्मुज बंद होने से न केवल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरी दुनिया के
- ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आ गई है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ईरान लंबे समय तक
- इस जलमार्ग को नियंत्रित रखता है तो वह भारी आर्थिक लाभ कमा सकता है।
- ट्रंप का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है।
- कुछ देश शांतिपूर्ण समाधान की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ अमेरिका के सख्त रुख का समर्थन कर रहे हैं।
क्या होगा आगे?
डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि अमेरिका ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता अपनी शर्तों पर ही करना चाहता है। अब सारी नजरें 8 अप्रैल की नई समयसीमा पर टिकी हुई हैं। अगर ईरान नहीं माना तो स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।