विदेश

Israel

स्पोर्ट्स

बॉलीवुड

जॉब - एजुकेशन

बिजनेस

लाइफस्टाइल

अन्य

---Advertisement---

पवन कल्याण ने विजय से तुलना पर दिया तीखा जवाब! बोले- लोग मुझे मुख्यमंत्री बनाने का प्रेशर डाल रहे हैं!

On: May 16, 2026 11:18 AM
Follow Us:
---Advertisement---

पवन कल्याण : दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री एक्टर विजय (Thalapathy Vijay) से हो रही तुलनाओं पर पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पवन कल्याण ने कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद कई लोग उन्हें मैसेज करके आंध्र प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का दबाव डाल रहे हैं, लेकिन दोनों राज्यों की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह अलग है।

पवन कल्याण
#पवन कल्याण साउथ अभिनेता और नेता पवन कल्याण की तस्वीर।

पवन कल्याण का पूरा बयान

मंगलगिरि में जन सेना पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान पवन कल्याण ने बिना विजय का नाम लिए कहा, “जबसे हमारे पड़ोसी राज्य में एक अभिनेता मुख्यमंत्री बना है, तबसे लोग मुझे मैसेज कर रहे हैं कि मुझे भी आंध्र प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहिए।” उन्होंने तेलुगु मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह ऐसा है जैसे बच्चे शादी में नाचते-कूदते रहते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि यह उनके परिवार की शादी है।

पवन ने आगे कहा, “2019 के चुनाव में जब मैंने अकेले लड़ा तो क्या हुआ? कई मंत्रियों ने तक मेरा साथ नहीं दिया। आंध्र की स्थिति तमिलनाडु से बिल्कुल अलग है, इसलिए तुलना न करें।”

  • यह बयान उनके भाई मेगास्टार चिरंजीवी और विजय के बीच हुई फोन कॉल के ठीक एक
  • दिन बाद आया है। चिरंजीवी ने विजय को बधाई दी थी और उम्मीद जताई थी
  • कि विजय को एमजीआर की तरह जनता का प्यार मिलेगा। विजय ने भी चिरंजीवी की हालिया फिल्म की तारीफ की थी।

क्यों हो रही है पवन कल्याण vs विजय की तुलना?

  • तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख थलापति विजय
  • ने शानदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री पद संभाला। महज दो साल में पार्टी बनाकर चुनाव
  • जीतने का यह कमाल देखकर दक्षिण भारत में चर्चा तेज हो गई
  • कि पवन कल्याण भी अगर अकेले लड़ते तो क्या कर सकते थे।

#पवन कल्याण ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश की राजनीति में गठबंधन की जरूरत पड़ती है। उन्होंने याद दिलाया कि अकेले लड़ने पर उन्हें दो सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। जन सेना का टीडीपी और भाजपा के साथ गठबंधन सफल रहा, जिससे वे डिप्टी सीएम बने।

पवन कल्याण की राजनीतिक यात्रा

  • पवन कल्याण दक्षिण के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं। फिल्मों में “पावर स्टार”
  • के नाम से मशहूर पवन ने 2014 में जन सेना पार्टी बनाई। शुरुआती संघर्ष के बाद 2024 के
  • चुनाव में गठबंधन के जरिए वे सत्ता में आए। वर्तमान में वे आंध्र प्रदेश सरकार में डिप्टी
  • मुख्यमंत्री के साथ-साथ पंचायत राज, ग्रामीण विकास और अन्य महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं।
  • उनकी आखिरी फिल्म उस्ताद भगत सिंह रही। अब वे सुरेंद्र रेड्डी के साथ नई फिल्म करने जा रहे हैं।

थलापति विजय की राजनीतिक सफलता

विजय ने 2024 में TVK की स्थापना की। 2026 के तमिलनाडु चुनाव में उनकी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। उनकी फिल्म जन नायकन की रिलीज को लेकर भी चर्चा है, हालांकि अभी सर्टिफिकेट नहीं मिला है। विजय को एमजीआर और जयललिता की परंपरा का उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

दोनों सितारों की तुलना: समानताएं और अंतर

  • समानताएं: दोनों अभिनेता हैं, दोनों ने राजनीति में कदम रखा, दोनों को युवाओं का भारी समर्थन।
  • अंतर: विजय ने अकेले चुनाव लड़ा और जीते, जबकि पवन ने गठबंधन का रास्ता चुना।
  • आंध्र और तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति, जातीय समीकरण और वोटर बेस अलग हैं।

पवन कल्याण ने कहा कि अनावश्यक तुलनाएं न सिर्फ गलत हैं बल्कि दोनों नेताओं के प्रति अन्याय भी हैं।

फैंस और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया!

  • सोशल मीडिया पर इस बयान के बाद बहस छिड़ गई है।
  • कुछ लोग पवन की स्पष्टवादिता की तारीफ कर रहे हैं
  • तो कुछ विजय की सफलता को बड़ा मॉडल बता रहे हैं। पवन कल्याण के समर्थक कह रहे हैं
  • कि आंध्र में स्थानीय परिस्थितियां अलग हैं और गठबंधन ने उन्हें मजबूत बनाया है।

पवन कल्याण का यह बयान दर्शाता है कि वे अपनी राह खुद बनाना चाहते हैं और बाहरी तुलनाओं से बचना चाहते हैं। दक्षिण भारतीय राजनीति में सिनेमा और सत्ता का गठजोड़ नया नहीं है, लेकिन हर राज्य की अपनी चुनौतियां हैं। पवन कल्याण की ईमानदारी और चिरंजीवी-विजय के बीच सौहार्द दोनों ही सराहनीय हैं।

Read More : भारत UAE तेल डील भारत में हर वक्त 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल UAE के साथ PM मोदी की ऐतिहासिक एनर्जी डील ऊर्जा सुरक्षा को मिला मजबूत कवच!

Read More : पीएम मोदी का बड़ा ऐलान भारत चार बड़े लक्ष्य देख रहा है, ओलंपिक होस्टिंग से ग्लोबल ग्रोथ इंजन तक – पूरी डिटेल्स

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment