उत्तर प्रदेश में योगी सरकार : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। नोएडा में हाल ही में हुए मजदूर बवाल के बाद सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम वृद्धि की घोषणा कर दी है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। अब कंपनियां और नियोक्ता निर्धारित दर से कम वेतन नहीं दे सकेंगे।
यह फैसला मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर कि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया है, वह भ्रामक है। स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण के लिए वेज बोर्ड की सिफारिशें जल्द आ रही हैं।

क्षेत्र के अनुसार नई न्यूनतम मजदूरी दरें (मासिक)
योगी सरकार ने न्यूनतम वेतन को तीन क्षेत्रों में बांटकर बढ़ाया है:
1. नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र (सबसे ज्यादा वृद्धि):
- अकुशल श्रमिक: पहले 11,313 रुपये → अब 13,690 रुपये
- अर्धकुशल श्रमिक: पहले 12,445 रुपये → अब 15,059 रुपये
- कुशल श्रमिक: पहले 13,940 रुपये → अब 16,868 रुपये
2. अन्य नगर निगम वाले शहर (जैसे लखनऊ, कानपुर आदि):
- अकुशल: 11,313 रुपये → 13,006 रुपये
- अर्धकुशल: 12,445 रुपये → 14,306 रुपये
- कुशल: 13,940 रुपये → 16,025 रुपये
3. प्रदेश के अन्य जनपद:
- अकुशल: 11,313 रुपये → 12,356 रुपये
- अर्धकुशल: 12,445 रुपये → 13,591 रुपये
- कुशल: 13,940 रुपये → 15,224 रुपये
दैनिक मजदूरी की आधार दरें पहले की तरह बनी हुई हैं, लेकिन मासिक वेतन में यह बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में रखकर की गई है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार क्यों लिया गया यह फैसला?
नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। कुछ जगहों पर बवाल भी हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत हाई पावर कमेटी गठित की और श्रमिकों तथा उद्योगपतियों के बीच संवाद करवाया। इस अंतरिम वृद्धि से नोएडा-गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का कहना है कि श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना प्राथमिकता है। नियोक्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर वेतन, ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें। महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।
श्रमिकों को क्या मिलेगा फायदा?
- बेहतर आय: खासकर नोएडा-गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों को करीब 2,900 रुपये मासिक अतिरिक्त मिलेंगे।
- कानूनी सुरक्षा: न्यूनतम वेतन से कम देने पर कार्रवाई हो सकती है।
- अन्य सुविधाएं: डबल ओवरटाइम, साप्ताहिक छुट्टी, बोनस आदि के नियम सख्ती से लागू होंगे।
- महिला श्रमिकों का सम्मान: उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
यह वृद्धि निर्माण, फैक्ट्री, होटल, परिवहन, कृषि और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर लागू होगी।
योगी सरकार की मजदूर हितैषी नीतियां!
योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार श्रम सुधारों पर जोर दे रही है। हाल ही में महंगाई भत्ते में संशोधन, समय पर वेतन भुगतान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया गया है। भविष्य में भारत सरकार की नई श्रम संहिताओं के तहत राष्ट्रीय फ्लोर वेज की प्रक्रिया भी पूरी होने वाली है।
सरकार ने अपील की है कि लोग केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। अराजक तत्वों की किसी भी गैरकानूनी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी में की गई यह अंतरिम वृद्धि नोएडा, गाजियाबाद और पूरे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। इससे उनकी आय बढ़ेगी, जीवन स्तर सुधरेगा और औद्योगिक शांति बनी रहेगी। नियोक्ताओं को भी कानून का पालन करना होगा।