नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ : बिहार नया CM, सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, BJP कोर ग्रुप मीटिंग दिल्ली, नीतीश कुमार दिल्ली, बिहार राजनीति 2026, NDA सरकार बदलाव – ये कीवर्ड्स आज बिहार की सियासत में छाए हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की राह साफ हो रही है।
#नीतीश कुमार का राज्यसभा सफर शुरू
नीतीश कुमार को 16 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया था। आज दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन उन्हें शपथ दिलाएंगे। नीतीश कुमार कल शाम दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ JD(U) और BJP के कई नेता भी दिल्ली में मौजूद हैं।

शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार बिहार कैबिनेट की बैठक बुला सकते हैं, जिसमें वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते हैं। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार वे 6 महीने तक बिना विधायक या MLC के भी मुख्यमंत्री रह सकते हैं, लेकिन NDA के प्लान के मुताबिक जल्द ही सत्ता हस्तांतरण होगा।
दिल्ली में BJP की अहम बैठक
- नीतीश कुमार की शपथ के साथ-साथ आज दिल्ली में BJP की कोर ग्रुप बैठक हो रही है।
- बैठक की अध्यक्षता BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) कर रहे हैं।
- इसमें बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी
- केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय समेत कई बड़े नेता शामिल हैं।
बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार के अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करना है। सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय सबसे आगे चल रहे हैं। सम्राट चौधरी को ईबीसी वर्ग से होने के कारण भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। नित्यानंद राय केंद्रीय नेतृत्व के बेहद करीबी हैं और गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। कुछ नामों में विजय कुमार सिन्हा और संजीव चौरसिया का भी जिक्र हो रहा है।
- BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि NDA में कोई मतभेद नहीं है। सब कुछ नीतीश कुमार
- की अगुवाई में तय समय पर हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा गठबंधन धर्म का सम्मान करती है
- और सभी घटक दल एक-दूसरे पर भरोसा रखते हैं।
नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव
- नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने कई बार गठबंधन बदले
- लेकिन BJP के साथ NDA गठबंधन को बार-बार मजबूत किया। अब उनकी राज्यसभा में शिफ्टिंग
- के बाद बिहार में BJP का पहला मुख्यमंत्री बनने की संभावना है।
- यह NDA के लिए भी महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि इससे केंद्र की भाजपा की पकड़ बिहार में और मजबूत होगी।
विपक्षी दलों ने इस बदलाव पर तंज कसा है। RJD नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सांसद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक भावुक विदाई वाला पोस्टर शेयर करते हुए नीतीश कुमार पर “अवसरवादिता” का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि अवसरवादिता का जवाब जरूर मिलेगा।
संभावित नया CM और समयरेखा!
- 10 अप्रैल 2026: नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ
- 10 अप्रैल: BJP कोर ग्रुप बैठक में नाम पर चर्चा
- अप्रैल 12-14 के आसपास: नया मुख्यमंत्री शपथ ले सकता है (खरमास के बाद)
सम्राट चौधरी तारापुर से विधायक हैं और हाल के चुनाव में RJD उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था। नित्यानंद राय उजियारपुर से लोकसभा सांसद हैं और केंद्रीय नेतृत्व में उनकी अच्छी पैठ है। दोनों ही नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं।
राजनीतिक मायने
- यह बदलाव बिहार की सियासत को नया रूप दे सकता है। नीतीश कुमार का ब्रांड “सुशासन”
- और “विकास” पर आधारित रहा है, जबकि नया BJP CM केंद्र की योजनाओं को और
- तेजी से लागू करने पर फोकस कर सकता है। NDA सरकार की स्थिरता बनी रहेगी
- लेकिन विपक्ष RJD-कांग्रेस गठबंधन इस बदलाव को “सत्ता हस्तांतरण की साजिश” बता रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार अब दिल्ली में रहकर राष्ट्रीय राजनीति में JD(U) की भूमिका निभा सकते हैं। वहीं बिहार में युवा और नई पीढ़ी के चेहरों को मौका मिलने से पार्टी संगठन में नई ऊर्जा आएगी।
आज नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ लेकर बिहार की लंबी मुख्यमंत्री यात्रा का एक अध्याय समाप्त कर रहे हैं। दिल्ली में BJP की बैठक तय करेगी कि सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय या कोई अन्य नेता बिहार की कमान संभालेंगे। यह बदलाव NDA को मजबूत बनाएगा या विपक्ष को नया मुद्दा देगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। बिहार की जनता नई सरकार से विकास, रोजगार और सुशासन की उम्मीद कर रही है।
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