सम्राट चौधरी शपथ : बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। 15 अप्रैल 2026 को पटना के लोकभवन में सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के दो वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) पद की शपथ लेंगे। यह बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का उदय है, जो एनडीए गठबंधन की नई सरकार की शुरुआत का संकेत है।
शपथ ग्रहण समारोह की पूरी डिटेल्स
शपथ ग्रहण समारोह बुधवार सुबह 11 बजे लोकभवन, पटना में होगा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सय्यद अता हसनैन तीनों नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

समारोह में शुरू में केवल तीन नेता ही शपथ लेंगे – एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम। शपथ के बाद बिहार के मंत्रिमंडल में 33 पद रिक्त रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, बंगाल चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, जिसमें जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और एनडीए की बैठक
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की आखिरी बैठक की और दोपहर करीब 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया। शपथ ग्रहण तक नीतीश कुमार कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
- मंगलवार शाम साढ़े चार बजे एनडीए विधानमंडल दल की बैठक हुई, जिसमें नीतीश कुमार
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में सम्राट चौधरी
- को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को माला पहनाई
- और सम्राट ने नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बैठक में
- तालियों की गड़गड़ाहट के बीच नई नेतृत्व की शुरुआत हुई।
सम्राट चौधरी ने लोकभवन जाकर राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
सम्राट चौधरी कौन हैं? – भाजपा के पहले बिहार सीएम
- सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के कद्दावर नेता हैं। उन्होंने पहले उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया है।
- नीतीश कुमार की सरकार में उन्होंने सुशासन और विकास के कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- सम्राट चौधरी ने कहा है कि उन्होंने नीतीश कुमार से सरकार चलाने की कला सीखी है।
- उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
- ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है। हम तमाम भाई मिलकर इसे पूरा करेंगे।
- बिहार को विकसित बनाएंगे और देश को भी विकसित करेंगे।”
सम्राट चौधरी ने यह भी आश्वासन दिया कि भाजपा की विचारधारा के अनुसार भारत को पहले रखते हुए सुशासन को जाति-धर्म से ऊपर उठाकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे।
बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी – नए डिप्टी सीएम
- बिजेंद्र प्रसाद यादव जदयू के वरिष्ठ नेता हैं। वे सुपौल से नौ बार विधायक रह चुके हैं
- और ऊर्जा मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। वे कोसी क्षेत्र से आते हैं और 79 वर्ष की उम्र में उपमुख्यमंत्री बन रहे हैं।
- विजय कुमार चौधरी भी जदयू के दिग्गज नेता हैं। वे नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं
- और जल संसाधन मंत्री रह चुके हैं। यह पहली बार है जब जदयू कोटे से बिहार
- में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं, जो गठबंधन की मजबूती को दिखाता है।
- शपथ ग्रहण के दौरान एनडीए के कई प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे, जिनमें ललन सिंह,
- जीतन राम मांझी, संजय झा, अरुण भारती आदि शामिल हैं।
सम्राट चौधरी शपथ बिहार की नई सरकार: क्या उम्मीदें हैं?
यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है। लगभग 20 साल तक नीतीश कुमार के नेतृत्व के बाद अब भाजपा का मुख्यमंत्री बनना एनडीए के अंदर नई ऊर्जा लाएगा। नई सरकार का फोकस विकास, सुशासन, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर रहने की उम्मीद है।
सम्राट चौधरी की सरकार नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की कोशिश करेगी। मंत्रिमंडल विस्तार में युवा चेहरों और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिल सकता है।