कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा : प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए अपनी बिल्लौरी आंखों और सरल व्यक्तित्व से वायरल हुई मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका मामला केरल हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। मोनालिसा के पति मोहम्मद फरमान खान को अपहरण और POCSO एक्ट के आरोपों से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
यह मामला अंतरधार्मिक विवाह, नाबालिग होने के आरोप और राजनीतिक विवाद से जुड़ा है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है।

मोनालिसा भोसले कौन हैं?
मोनालिसा भोसले मध्य प्रदेश के महेश्वर की रहने वाली हैं। वर्ष 2025 में प्रयागराज महाकुंभ मेले के दौरान जब वह रुद्राक्ष की मालाएं बेच रही थीं, उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। उनकी मासूमियत और आकर्षक व्यक्तित्व ने उन्हें ‘कुंभ की वायरल गर्ल’ बना दिया। लाखों लोग उनकी सरलता से प्रभावित हुए।
जनवरी 2026 में मोनालिसा 18 वर्ष की हो गईं। मार्च 2026 में उन्होंने केरल के मोहम्मद फरमान खान से शादी कर ली। दोनों की मुलाकात एक मलयालम फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी, जिसके बाद प्रेम कहानी आगे बढ़ी। शादी की खबर भी काफी चर्चित रही।
कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा अपहरण का मामला और विवाद
- मोनालिसा के पिता ने मध्य प्रदेश में FIR दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया
- कि उनकी बेटी नाबालिग (16 वर्ष) है और फरमान खान ने उसे अगवा कर लिया।
- परिवार का कहना था कि शुरू में शादी के लिए सहमति थी
- लेकिन बाद में किसी रिश्तेदार के प्रभाव से विरोध शुरू हो गया।
इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने भी जांच शुरू की। POCSO एक्ट के तहत संभावित कार्रवाई की आशंका जताई गई। मोनालिसा और फरमान दोनों ने केरल हाईकोर्ट में संयुक्त याचिका दायर कर अग्रिम जमानत मांगी, क्योंकि उन्हें गिरफ्तारी का डर था।
केरल हाईकोर्ट का फैसला!
- 23 मार्च 2026 को जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने अंतरिम आदेश जारी किया
- और याचिकाकर्ताओं (मोनालिसा-फरमान) की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा:
- “दस्तावेजों से साबित होता है कि याचिकाकर्ता 11 मार्च 2026 को शादी कर चुके हैं।
- ऐसी स्थिति में अगली सुनवाई तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।”
- 8 अप्रैल 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह राहत 20 मई 2026 तक बढ़ा दी।
- कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मध्य प्रदेश पुलिस से अभी कोई जवाब या रिपोर्ट नहीं आई है।
मोनालिसा की ओर से पेश दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र और केरल मैरिज रजिस्ट्रेशन के तहत जारी विवाह प्रमाण-पत्र शामिल हैं, जिसमें उनकी उम्र 18 वर्ष बताई गई है।
वामपंथी नेता बिनॉय विश्वम का समर्थन
- सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने मामले में खुलकर मोनालिसा-फरमान का समर्थन किया।
- उन्होंने कहा कि इस विवाद के पीछे साफ तौर पर राजनीतिक मंशा है।
- बिनॉय विश्वम ने कहा: “यह पूरी तरह राजनीति है। अगर कोई नई जानकारी आए तो जांच होनी चाहिए
- लेकिन लोग भूल जाएंगे, हम नहीं भूलेंगे।”
- विवाह के बाद वामपंथी नेताओं ने नवदंपति से मुलाकात की और इसे ‘द रियल केरल स्टोरी’ बताया।
- उन्होंने जोर दिया कि शादी आधार कार्ड के आधार पर कानूनी रूप से वैध है।
मामला क्यों विवादास्पद बना?
- अंतरधार्मिक विवाह होने के कारण सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी।
- नाबालिग होने के आरोप vs दस्तावेजों में 18 वर्ष की उम्र।
- परिवार का शुरू में सहमति देना और बाद में विरोध।
- POCSO और अपहरण जैसे गंभीर आरोप।
- राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप।
मोनालिसा और फरमान दोनों दावा करते हैं कि उनका विवाह पूरी सहमति से हुआ है और वे कानूनी उम्र के हैं।
आगे क्या होगा?
- केरल हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 20 मई 2026 को होगी। तब तक फरमान खान को गिरफ्तारी
- से सुरक्षा मिली हुई है। मध्य प्रदेश पुलिस की रिपोर्ट और NCST की जांच के नतीजे पर आगे की कार्यवाही निर्भर करेगी।
- यह मामला दिखाता है कि वायरल फेम, अंतरधार्मिक विवाह और
- कानूनी दस्तावेजों के बीच कितना जटिल संघर्ष हो सकता है।
कुंभ मेला की वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले के पति मोहम्मद फरमान खान को केरल हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने 20 मई 2026 तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वहीं CPI नेता बिनॉय विश्वम ने मामले में राजनीति होने का आरोप लगाया है।
अब सबकी नजर 20 मई की सुनवाई और मध्य प्रदेश पुलिस की रिपोर्ट पर है। मोनालिसा की कहानी सादगी से शुरू होकर आज कानूनी और राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है।