वित्त मंत्री फेक वीडियो : सोशल मीडिया पर एक 27 सेकंड का वायरल वीडियो तेजी से फैल रहा था, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को AI-बेस्ड ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर प्रमोट करते दिखाया गया था। वीडियो में उन्हें आम नागरिकों से निवेश करने और भारी मुनाफा कमाने की सलाह देते हुए दिखाया गया। यह वीडियो फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लाखों बार शेयर हुआ, जिससे कई लोग इसे सरकारी प्रमोशन समझकर लिंक पर क्लिक करने लगे। लेकिन प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है। यह वीडियो डिजिटली मॉर्फ्ड और AI-जनरेटेड है। आइए जानते हैं पूरी सच्चाई।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
वीडियो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आवाज और चेहरा इस्तेमाल कर दावा किया गया कि वे एक AI ट्रेडिंग ऐप या सॉफ्टवेयर को प्रमोट कर रही हैं। इसमें निवेश करने पर भारी रिटर्न (कुछ वर्जन में ₹15 लाख से ₹25 लाख महीना या रोजाना हजारों रुपये) का वादा किया गया। वीडियो को सरकारी प्रोग्राम दिखाने की कोशिश की गई, ताकि लोग भरोसा करें और दिए गए लिंक पर क्लिक करें। ये लिंक फिशिंग साइट्स पर ले जाते थे, जहां बैंक डिटेल्स चुराने का खतरा था।

PIB फैक्ट चेक ने क्या कहा?
23 फरवरी 2026 को PIB फैक्ट चेक यूनिट ने अपनी आधिकारिक हैंडल से पोस्ट कर स्पष्ट किया:
- यह वीडियो डिजिटली अल्टर्ड यानी मॉर्फ्ड है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मंत्री की पुरानी इंटरव्यू या स्पीच की क्लिप से
- छवि और आवाज को मिलाकर बनाया गया है।
- वित्त मंत्री ने कभी भी किसी AI ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर या प्राइवेट निवेश प्लेटफॉर्म का समर्थन नहीं किया है।
- सरकार या वित्त मंत्रालय किसी भी प्राइवेट ट्रेडिंग ऐप को प्रमोट नहीं करता।
- यह एक स्कैम का हिस्सा है, जिसका मकसद लोगों को फिशिंग लिंक्स पर ले जाकर उनके बैंक अकाउंट डिटेल्स चुराना है।
- PIB ने चेतावनी दी कि ऐसे “टू गुड टू बी ट्रू” रिटर्न वाले दावों पर भरोसा न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि इससे फाइनेंशियल लॉस हो सकता है।
डीपफेक और AI का बढ़ता खतरा
यह घटना डीपफेक टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। AI टूल्स से किसी भी व्यक्ति की आवाज और चेहरा आसानी से बदला जा सकता है। हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अन्य मंत्रियों और सेलिब्रिटीज के फेक वीडियो वायरल हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से ऐसी धोखाधड़ी बढ़ रही है। सरकार साइबर क्राइम के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और जागरूकता अभियान चला रही है।
जनता के लिए सलाह: कैसे बचें ऐसे स्कैम से?
- सरकारी अधिकारियों या मंत्रियों के निवेश प्रमोशन वाले वीडियो/मैसेज पर भरोसा न करें।
- जानकारी सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट्स (pib.gov.in, finmin.nic.in) से लें।
- संदिग्ध कंटेंट मिले तो PIB फैक्ट चेक (@PIBFactCheck) पर रिपोर्ट करें।
- “रोजाना लाखों कमाओ” जैसे दावे फर्जी होते हैं – असली निवेश में रिस्क होता है।
- लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें, क्योंकि ये फिशिंग अटैक का हिस्सा हो सकते हैं।
- परिवार और दोस्तों को ऐसे फेक वीडियो के बारे में बताएं ताकि कोई ठगा न जाए।
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