प्रियंका गांधी का बयान : देश की राजनीति में एक बार फिर प्रियंका गांधी वाड्रा और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी छिड़ गई है। बीजेपी ने कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने उन्हें “भारतीय राजनीति की महिला गजनी” कहा और तंज कसा कि “आपका सरनेम भले ही गांधी है, लेकिन हिम्मत और साहस की कमी है।” यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा से ठीक पहले शुरू हुआ, जब प्रियंका ने गाजा में मानवीय संकट पर मोदी से अपील की थी। आइए जानते हैं पूरी घटना और राजनीतिक पृष्ठभूमि।
प्रियंका गांधी का बयान: गाजा पर न्याय की मांग
#प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान वे वहां की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोदी गाजा में हो रहे “नरसंहार” का जिक्र करेंगे और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करेंगे। प्रियंका ने लिखा, “भारत को दुनिया को सत्य, शांति और न्याय की रोशनी दिखाते रहना होगा।” उनका यह बयान फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष के संदर्भ में था, जहां गाजा में मानवीय संकट गहरा गया है।

#प्रियंका ने पहले भी फिलिस्तीन समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। एक पुरानी तस्वीर में वे “फिलिस्तीन” लिखे बैग के साथ दिखी थीं, जिसे बीजेपी ने अब हथियार बनाया है।
बीजेपी का पलटवार: “महिला गजनी” और साहस पर सवाल
बीजेपी ने प्रियंका के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीय राजनीति की ‘महिला गजनी’ वापस आ गई हैं!” उन्होंने प्रियंका की फिलिस्तीन बैग वाली तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि संसद में ऐसा बैग ले जाना आसान है, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमलों की निंदा करने का नैतिक साहस दिखाना प्रियंका के लिए मुश्किल है।
- उस हमले में 1200 से अधिक निर्दोष लोग मारे गए, महिलाओं का अपहरण और बलात्कार हुआ।
- भाटिया ने कहा, “ऐसे कृत्यों की निंदा के लिए वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना जरूरी है।
- आप भले ही गांधी उपनाम का इस्तेमाल करती हों, लेकिन आपमें दृढ़ विश्वास और साहस की कमी है।”
- “महिला गजनी” का तंज 2008 की फिल्म ‘गजनी’ से लिया गया है
- जहां मुख्य पात्र की याददाश्त बार-बार चली जाती है। बीजेपी का आरोप है कि प्रियंका
- चुनिंदा मुद्दों पर आक्रोश दिखाती हैं – गाजा पर बोलती हैं, लेकिन इजरायल के हमलों को भूल जाती हैं।
विवाद का समय और राजनीतिक संदर्भ
- यह विवाद ठीक उस समय उभरा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल की दो दिवसीय यात्रा शुरू हो रही है।
- यह उनकी नौ वर्षों में दूसरी इजरायल यात्रा है। यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा
- व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना है। भारत ने हमेशा इजरायल के साथ
- मजबूत संबंध बनाए रखे हैं, लेकिन फिलिस्तीन के प्रति भी संतुलित रुख अपनाया है।
- बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेता इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर एकतरफा बयान देकर वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। प्रियंका का बयान मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने वाला था, जिससे बीजेपी आक्रामक हो गई।
दोनों पक्षों के दावे
- कांग्रेस पक्ष: प्रियंका का बयान मानवीयता और न्याय पर आधारित है। भारत को शांति दूत की भूमिका निभानी चाहिए।
- बीजेपी पक्ष: प्रियंका का रुख दोहरा है। वे फिलिस्तीन का समर्थन करती हैं, लेकिन इजरायल पर हुए
- आतंकी हमलों की निंदा से बचती हैं। गांधी सरनेम का इस्तेमाल कर नैतिकता का दावा करती हैं
- लेकिन साहस की कमी दिखती है।
यह विवाद भारतीय राजनीति में गांधी परिवार और बीजेपी के बीच पुरानी दुश्मनी को फिर उजागर करता है। सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से ट्रोल और मीम्स की बाढ़ आ गई है। क्या यह सिर्फ बयानबाजी है या आगे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगा? समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, “सरनेम गांधी लेकिन साहस की कमी” वाला तंज ट्रेंड कर रहा है।
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