PM E-Drive Scheme : इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर! केंद्र सरकार PM E-Drive Scheme के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक पर सब्सिडी बढ़ाने की बड़ी तैयारी कर रही है। बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम और तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार EV सेक्टर को मजबूत बूस्ट देने जा रही है।
PM E-Drive स्कीम क्या है?
#PM E-Drive Scheme भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट किया जा रहा है। इस योजना के तहत FY2026 तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए पहले ही ₹10,900 करोड़ आवंटित किए जा चुके हैं। अब भारी उद्योग मंत्रालय अतिरिक्त फंड की मांग करने वाला है, ताकि EV स्कूटर और बाइक की कीमतें और घटाई जा सकें।

क्यों बढ़ा रही है सरकार सब्सिडी?
भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना रणनीतिक जरूरत बन गया है।
सरकार का लक्ष्य है:
- तेल आयात बिल कम करना
- प्रदूषण नियंत्रित करना
- स्वदेशी EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना
EV टू-व्हीलर बाजार में तेजी
हाल के आंकड़े EV की बढ़ती लोकप्रियता साफ दिखाते हैं। मई 2026 के पहले 15 दिनों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 13.5% की बढ़ोतरी हुई, जबकि कुल टू-व्हीलर बिक्री में 5.5% की गिरावट दर्ज की गई। इसका मतलब है कि लोग अब पेट्रोल स्कूटर की बजाय इलेक्ट्रिक स्कूटर चुन रहे हैं।
लोकप्रिय EV ब्रांड्स:
- Ola Electric
- Ather Energy
- TVS iQube
- Bajaj Chetak
- Hero Vida
ये कंपनियां पहले से ही अच्छा परफॉर्म कर रही हैं। सब्सिडी बढ़ने से इनकी बिक्री में और उछाल आने की उम्मीद है।
EV स्कूटर के फायदे!
- कम रनिंग कॉस्ट – पेट्रोल स्कूटर में 2-3 रुपये प्रति किलोमीटर खर्च होता है, जबकि EV में मात्र 30-50 पैसे प्रति किलोमीटर।
- घर पर चार्जिंग – रात में आसानी से चार्ज कर सकते हैं, पेट्रोल पंप जाने की जरूरत नहीं।
- पर्यावरण अनुकूल – जीरो टेलपाइप एमिशन।
- कम मेंटेनेंस – इंजन न होने से सर्विसिंग खर्च बहुत कम।
एथर एनर्जी के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत सिंह फोकेला ने कहा कि अब हर परिवार कम से कम एक EV रखना चाहता है।
सब्सिडी बढ़ने से क्या प्रभाव पड़ेगा?
- EV स्कूटर की कीमतें 8-15% तक और कम हो सकती हैं।
- मध्यम वर्ग के लिए EV खरीदना और आसान हो जाएगा।
- EV कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है।
- चार्जिंग स्टेशन और बैटरी टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ेगा।
चुनौतियां भी हैं!
- बैटरी की कीमत अभी भी ज्यादा है।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े शहरों तक सीमित।
- लंबी दूरी की यात्रा में रेंज की चिंता।
सरकार इन चुनौतियों पर भी काम कर रही है। PM E-Drive स्कीम के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का यह कदम भारत को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगा। अगर सब्सिडी बढ़ती है तो लाखों युवा और मध्यम वर्ग के लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद सकेंगे। इससे न सिर्फ पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा।
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