PM मोदी हीरा उपहार : भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला Jill Biden को उपहार में दिए गए हीरे को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिल बाइडेन ने अपनी नई पुस्तक में बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया यह हीरा उन्हें बेहद पसंद आया था और वह इसे अपने पास रखना चाहती थीं। हालांकि अमेरिकी नियमों के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका यात्रा के दौरान जिल बाइडेन को लगभग 20,000 डॉलर मूल्य का एक आकर्षक हीरा उपहार स्वरूप भेंट किया था। जिल बाइडेन ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि यह हीरा बेहद सुंदर था और पहली नजर में उन्हें बहुत पसंद आ गया था। उन्होंने इसे अपने पास रखने की इच्छा भी जताई थी।

क्या है पूरा मामला?
लेकिन अमेरिका में विदेशी नेताओं से मिलने वाले महंगे उपहारों को लेकर सख्त नियम लागू हैं। ऐसे उपहारों को व्यक्तिगत रूप से रखने के लिए संबंधित व्यक्ति को उनकी निर्धारित कीमत सरकार को चुकानी पड़ती है। जब अधिकारियों ने हीरे का मूल्यांकन किया तो उसकी कीमत अपेक्षा से कहीं अधिक निकली, जिसके बाद जिल बाइडेन ने उसे अपने पास रखने का विचार छोड़ दिया।
PM मोदी हीरा उपहार अमेरिकी नियमों के कारण लौटाना पड़ा हीरा
- अमेरिकी संघीय कानून के अनुसार विदेशी नेताओं द्वारा दिए गए महंगे उपहार सरकारी संपत्ति माने जाते हैं।
- यदि कोई अधिकारी या उनके परिवार का सदस्य ऐसे उपहार को निजी रूप से रखना चाहता है
- तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी कीमत का भुगतान करना होता है।
- जिल बाइडेन ने बताया कि हीरे की वास्तविक कीमत इतनी अधिक थी
- कि उसे खरीदना व्यावहारिक नहीं था। इसलिए यह उपहार सरकार के पास ही चला गया।
भारत-अमेरिका संबंधों का प्रतीक बना उपहार
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति Joe Biden के बीच संबंधों
- को मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच कई बार उपहारों का आदान-प्रदान हुआ है।
- जिल बाइडेन को दिया गया यह हीरा भी भारत और अमेरिका
- के बीच मित्रता और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना गया।
- विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपहार केवल वस्तुएं नहीं होते, बल्कि वे दो देशों के बीच विश्वास
- सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अक्सर विभिन्न देशों
- की यात्राओं के दौरान स्थानीय संस्कृति और संबंधों को ध्यान में रखते हुए विशेष उपहार भेंट करते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
जिल बाइडेन की पुस्तक में इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए उपहार की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने अमेरिकी सरकारी नियमों पर भी अपनी राय व्यक्त की। यह खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिल बाइडेन को दिया गया 20,000 डॉलर का हीरा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। जिल बाइडेन ने अपनी पुस्तक में स्वीकार किया कि उन्हें यह हीरा बेहद पसंद था, लेकिन अमेरिकी नियमों और उसकी अधिक कीमत के कारण वह इसे अपने पास नहीं रख सकीं। यह घटना न केवल एक दिलचस्प कूटनीतिक किस्सा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सरकारी नियम कितने सख्त हो सकते हैं, चाहे मामला कितना भी खास उपहार क्यों न हो।