Manoj Kothari death 2026 : भारतीय बिलियर्ड्स और स्नूकर जगत के दिग्गज मनोज कोठारी का 5 जनवरी 2026 को निधन हो गया। 67 वर्षीय मनोज कोठारी, जो पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन और भारतीय टीम के मुख्य कोच थे, तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्हें बड़े पैमाने पर हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) आया, जिससे उनका देहांत हो गया। वे पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से अस्पताल में इलाज करा रहे थे और हाल ही में लिवर ट्रांसप्लांट भी करवाया था।
मनोज कोठारी का शानदार करियर
कोलकाता निवासी मनोज कोठारी भारतीय क्यू स्पोर्ट्स के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक थे। उन्होंने 1990 में IBSF विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती, जो भारतीय बिलियर्ड्स के लिए ऐतिहासिक जीत थी। इससे भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका। इसके अलावा, 1997 में उन्होंने विश्व डबल्स बिलियर्ड्स चैंपियनशिप भी अपने नाम की।

उनकी उपलब्धियों को सम्मान देते हुए 2005 में उन्हें ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। खेल से संन्यास लेने के बाद मनोज कोठारी ने कोचिंग में अपना योगदान दिया। वे पिछले 15 वर्षों से भारतीय क्यू स्पोर्ट्स टीम के मुख्य कोच थे और कई युवा खिलाड़ियों को तैयार किया।
परिवार की अनोखी विरासत: पिता-पुत्र दोनों विश्व चैंपियन
- मनोज कोठारी की सबसे खास विरासत उनका बेटा सौरव कोठारी है
- जो खुद दो बार विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन रह चुके हैं। सौरव ने 2018 और 2025 में विश्व खिताब जीते
- जिसमें 2025 का फाइनल उन्होंने पंकज आडवाणी को हराकर जीता।
- इस तरह मनोज और सौरव कोठारी भारतीय खेल इतिहास में एकमात्र पिता-पुत्र जोड़ी हैं
- जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप जीती है।
सौरव ने पिता के निधन पर कहा, “उनका प्रभाव ट्रॉफी से कहीं ज्यादा था। उन्होंने कई चैंपियन तैयार किए और अनगिनत जीवन को प्रेरित किया। वे एक जीवित किंवदंती थे।” परिवार में पत्नी और बेटी श्रेया कोठारी भी हैं। अंतिम संस्कार तिरुनेलवेली के पास ही हुआ, जबकि श्रद्धांजलि सभा कोलकाता में आयोजित की जाएगी।
स्पोर्ट्स जगत से श्रद्धांजलि
- मनोज कोठारी के निधन पर बिलियर्ड्स एंड स्नूकर फेडरेशन ऑफ इंडिया (BSFI) सहित पूरे स्पोर्ट्स जगत ने
- शोक व्यक्त किया। उन्हें “ग्रीन बेज का सज्जन” कहा जा रहा है।
- उनके कोचिंग से कई खिलाड़ी चैंपियन बने। भारतीय क्यू स्पोर्ट्स में उनकी कमी लंबे समय तक खलेगी।
मनोज कोठारी ने न सिर्फ खेल में भारत का नाम रोशन किया, बल्कि कोच और मेंटर के रूप में नई पीढ़ी को तैयार किया। उनकी यादें हमेशा भारतीय बिलियर्ड्स के साथ जुड़ी रहेंगी। ओम शांति!