IMD अलर्ट : 3 फरवरी 2026 को कानपुर और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से घने बादल छाए, तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे ठंड और गलन में इजाफा हुआ। शहर में सुबह 9 बजे तक अंधेरा छा गया, लोग घरों में अलाव जलाकर बैठे रहे। घाटमपुर, बिल्हौर, जाजमऊ जैसे क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है। बाजार सूने पड़ गए, सड़कों पर सन्नाटा छा गया और वाहनों की आवाजाही कम हो गई। एक दिन पहले सोमवार को तेज धूप निकली थी और अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन देर शाम से मौसम बदल गया। आइए जानते हैं कानपुर मौसम अपडेट, बारिश के कारण, प्रभाव और आगे का पूर्वानुमान।
कानपुर में बारिश के मुख्य कारण
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और एंटी साइक्लोन के मिलने से बादलों की शृंखला बनी। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी फीड आई, जिससे बारिश हुई। मौसमी सिस्टम स्लो मूविंग है, इसलिए बदलाव धीरे-धीरे होगा। अगर सिस्टम आगे बढ़ा तो कल से धूप निकल सकती है, वरना यही स्थिति बनी रहेगी।

तापमान और बारिश का स्टेटस
- न्यूनतम तापमान: 10.8 डिग्री सेल्सियस
- अधिकतम तापमान (सोमवार): 25.9 डिग्री (सामान्य से 3.9 डिग्री ज्यादा)
- बारिश: तेज हवा के साथ झमाझम, बिल्हौर में डेढ़ घंटे से रिमझिम। 24 घंटों में बारिश जारी रहने की संभावना।
- चेतावनी: ओलावृष्टि का अलर्ट जारी। आने वाले 2-3 दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव, पाला पड़ने की आशंका।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी इसी तरह का मौसम है। IMD और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानपुर, औरैया, जालौन में तेज बारिश हुई, जबकि 10 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट है। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के 25+ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की-मध्यम बारिश और 30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं संभव।
ट्रेनों पर असर: 31 ट्रेनें लेट
कोहरे और बारिश के कारण रेल संचालन प्रभावित। कानपुर स्टेशन पर 31 ट्रेनें देरी से पहुंचीं। प्रमुख उदाहरण:
- कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस: 1.21 घंटे लेट
- शताब्दी एक्सप्रेस: 1.04 घंटे लेट
- वंदेभारत एक्सप्रेस: 49 मिनट लेट
यात्रियों को परेशानी हुई, कई लोग देर से पहुंचे। आसपास के जिलों में कोहरे से विजिबिलिटी कम होने से ट्रेनें प्रभावित।
फसलों को भारी नुकसान: किसानों की चिंता बढ़ी
तेज हवा और बारिश से खेतों में तबाही मची। कृषि विशेषज्ञ प्रो. पीके सिंह के मुताबिक:
- गेहूं की फसल कई जगह गिर गई, दाने हल्के और कमजोर होंगे। उत्पादन में 20% तक कमी संभव।
- गन्ने की फसल गिरने से खराब होने का खतरा।
- सरसों की फलियां जमीन पर गिर गईं, दाना खराब हो सकता है।
- सब्जियों की लताएं सड़ सकती हैं, फलियां प्रभावित।
- दलहनी फसलों को ज्यादा नुकसान, पाला पड़ने पर आलू-मटर पर असर।
फरवरी में गेहूं के लिए मौसम सामान्यतः अनुकूल होता है, लेकिन ओलावृष्टि और बारिश से बढ़वार प्रभावित हो सकती है। किसान चिंतित हैं, फसल बीमा क्लेम की तैयारी में जुटे।
दैनिक जीवन पर प्रभाव
- सड़कों पर सन्नाटा, लोग छतरी लेकर निकले।
- ऑटो ड्राइवर गाड़ियां खड़ी कर दुकानों में शरण ले रहे।
- ड्यूटी जाने में देरी, जैसे एक महिला को 45 मिनट ऑटो का इंतजार।
- ठंड से बचने के लिए घरों में अलाव जलाए जा रहे।
- बाजार और हाईवे पर कम आवाजाही।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
24 घंटे बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। 2-3 दिनों तक उतार-चढ़ाव। अगर विक्षोभ आगे बढ़ा तो धूप निकलेगी, वरना बादल और बारिश बनी रहेगी। यूपी में घने कोहरे का अलर्ट कई जिलों में, जैसे कानपुर, उन्नाव, आगरा आदि। यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह।
कानपुर में अचानक आई बारिश ने जनजीवन, रेल यातायात और खेती को प्रभावित किया है। ओलावृष्टि और पाला का खतरा बरकरार है। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाएं और यात्रा से पहले अपडेट चेक करें। यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ का नतीजा है, जो फरवरी में आम है लेकिन इस बार ज्यादा प्रभावी रहा।