सीबीएसई 12वीं परीक्षा : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब छात्रों को रिजल्ट आने के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन (अंक सत्यापन) की सुविधा नहीं मिलेगी। इसका मुख्य कारण है ऑन-स्क्रीन मार्किंग (On-Screen Marking – OSM) सिस्टम का पूरा लागू होना, जो पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन पर आधारित है।
यह फैसला CBSE ने फरवरी 2026 में संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की कार्यशाला में घोषित किया। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि डिजिटल तरीके से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होने से टोटलिंग में कोई गलती नहीं होगी। इसलिए पोस्ट-रिजल्ट मार्क्स वेरिफिकेशन की जरूरत ही नहीं रहेगी।

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम?
ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक आधुनिक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसमें छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को पहले स्कैन किया जाता है। स्कैन की गई कॉपियां सुरक्षित ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड होती हैं। फिर शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठकर इन्हें देखते हैं और अंक देते हैं। सॉफ्टवेयर खुद ही सभी अंकों को जोड़कर कुल मार्क्स कैलकुलेट कर देता है। इससे मानवीय भूलें, जैसे टोटलिंग एरर या अंक छूटना, पूरी तरह खत्म हो जाते हैं।
- पहले की व्यवस्था में उत्तर पुस्तिकाएं हाथ से चेक होती थीं। कई बार टोटलिंग गलत हो जाती थी
- जिसके कारण छात्रों को रिजल्ट के बाद वेरिफिकेशन, री-टोटलिंग या री-इवैल्यूएशन
- के लिए आवेदन करना पड़ता था। अब OSM से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
छात्रों के लिए क्या बदलाव आएंगे?
- मार्क्स वेरिफिकेशन बंद → रिजल्ट के बाद अंकों की जांच या सत्यापन की सुविधा नहीं मिलेगी।
- पारदर्शिता बढ़ेगी → डिजिटल प्रक्रिया से मूल्यांकन निष्पक्ष और त्रुटिरहित होगा।
- रिजल्ट तेज आएगा → डिजिटल सिस्टम से मूल्यांकन तेज होगा, जिससे रिजल्ट घोषणा में देरी कम हो सकती है।
- शिक्षकों की सुविधा → शिक्षक अब मूल्यांकन केंद्र जाने की बजाय अपने स्कूल से ही
- कॉपियां चेक कर सकेंगे। इससे समय, यात्रा खर्च और मेहनत की बचत होगी।
- पर्यावरण अनुकूल → पेपर की फिजिकल हैंडलिंग कम होगी, जिससे कागज की बचत होगी।
- ध्यान दें: यह बदलाव सिर्फ कक्षा 12वीं के लिए है। 2026 में कक्षा 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं
- का मूल्यांकन अभी भी पुराने मैनुअल तरीके से ही होगा।
CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 की मुख्य बातें!
- परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं।
- भारत और 26 विदेशी देशों में 31,000 से ज्यादा स्कूल CBSE से संबद्ध हैं।
- लाखों छात्र इस नए सिस्टम के तहत परीक्षा देंगे।
- बोर्ड ने शिक्षकों को OSM ट्रेनिंग दी है ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।
- यह बदलाव CBSE की डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है। बोर्ड का मकसद
- मूल्यांकन को अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी बनाना है। छात्रों को अब रिजल्ट पर भरोसा बढ़ेगा
- क्योंकि टोटलिंग एरर की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
अगर आप 2026 में 12वीं बोर्ड देने वाले छात्र हैं, तो तैयारी पर फोकस करें। नए नियमों से चिंता न करें, बल्कि यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।