बॉम्बे हाईकोर्ट न्यूज : मुंबई में बढ़ते अवैध अतिक्रमण (illegal encroachment) को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में पवई के हीरानंदानी गार्डन्स इलाके में एक स्कूल की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस रविंद्र घुघे और जस्टिस अभय मंत्री की बेंच ने बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) पर जमकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे अतिक्रमण जारी रहे तो आने वाले समय में मुंबईवासियों को मोटरसाइकिल छोड़कर साइकिल या घोड़ा इस्तेमाल करना पड़ सकता है। जजों ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा, “कल्पना कीजिए, आपके कमिश्नर घोड़े पर सवार होकर ऑफिस आ रहे हैं, तो कैसा लगेगा?”
क्या है पूरा मामला?
पवई के एक प्रतिष्ठित स्कूल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि हीरानंदानी इलाके में करीब 90 फीट चौड़ी सड़क पर फुटपाथ और रोड पर अवैध झुग्गियां और अतिक्रमण हो गए हैं। स्कूल की ओर से सीनियर एडवोकेट नौशाद इंजीनियर ने कोर्ट को बताया कि बीएमसी को कई बार लिखित शिकायतें की गईं, बैठकें भी हुईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इलाके में चार स्कूल होने के कारण माता-पिता बच्चों को छोड़ने-लेने आते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ जाती है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि सिविक अथॉरिटी खुद अतिक्रमण को बढ़ावा दे रही है, जैसे टैंकर से पानी सप्लाई और टॉयलेट की व्यवस्था करके।

अदालत में अतिक्रमण की तस्वीरें पेश की गईं। जस्टिस घुघे ने कहा, “यह सड़क इतनी चौड़ी थी कि चार कारें आसानी से गुजर सकती थीं, लेकिन अब सिर्फ एक लेन रह गई है। फुटपाथ पूरी तरह ब्लॉक हो चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुंबई का क्या हो रहा है? जैसे ही कोई सड़क बनती है, लोग कब्जा जमा लेते हैं। इतनी खूबसूरत सड़क को आपने क्या बना दिया? आने वाले 25 सालों में क्या होगा?”
कोर्ट की तीखी टिप्पणियां
- जस्टिस घुघे ने व्यंग्य किया: “लोगों को मोटरसाइकिल छोड़नी पड़ेगी, साइकिल अपनानी होगी… या सबसे अच्छा विकल्प घोड़ा है। घोड़ा भीड़ में भी रास्ता निकाल लेता है।”
- उन्होंने बीएमसी पर सवाल उठाया: “आप अपने ही शहर का क्या हाल कर रहे हैं? हम कमिश्नर या किसी अधिकारी को कोर्ट में बुला सकते हैं और जवाब मांग सकते हैं।”
- कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण से पैदल चलने वालों
- खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हो रही है।
बॉम्बे हाईकोर्ट न्यूज BMC को क्या निर्देश दिए गए?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी के वकील को निर्देश दिया कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दें। अगली सुनवाई में पवई क्षेत्र के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर को पेश होने को कहा गया है। अगर वे नहीं आए तो बीएमसी कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में बुलाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुंबई में अतिक्रमण की समस्या क्यों गंभीर?
- मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में रोड और फुटपाथ पर अतिक्रमण आम समस्या बन चुकी है।
- इससे ट्रैफिक जाम, पैदल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और शहर की सुंदरता बिगड़ती है।
- बॉम्बे हाईकोर्ट समय-समय पर ऐसे मामलों में सख्त निर्देश देता रहा है
- लेकिन बीएमसी की ओर से अमल में कमी दिखती है। यह मामला न सिर्फ पवई बल्कि पूरे
- मुंबई के लिए चेतावनी है कि अगर समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाए गए
- तो शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की इस सुनवाई से साफ है कि न्यायपालिका मुंबई को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए गंभीर है। अब बीएमसी पर जिम्मेदारी है कि वो कोर्ट के निर्देशों का पालन करे और अवैध कब्जों को तुरंत हटाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगे और सख्त कार्रवाई हो सकती है। मुंबईवासियों को उम्मीद है कि इस बार असली एक्शन दिखेगा और सड़कें फिर से चौड़ी व सुरक्षित होंगी।
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