नोएडा मजदूरी : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोएडा और गाजियाबाद में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद एक बड़ा और त्वरित फैसला लिया है। सोमवार (13 अप्रैल 2026) को एनसीआर क्षेत्र में उग्र प्रदर्शनों के बाद सरकार ने न्यूनतम मजदूरी की दरों में अंतरिम वृद्धि कर दी है। अब नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।
यह वृद्धि मूल वेतन और महंगाई भत्ते सहित है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम व्यवस्था है, जो तब तक लागू रहेगी जब तक नया वेज बोर्ड अपनी अंतिम सिफारिशें नहीं दे देता।

नोएडा मजदूरी नोएडा-गाजियाबाद में नई न्यूनतम मजदूरी दरें (मासिक)
अकुशल श्रमिक (Unskilled):
- पहले: ₹11,313
- अब: ₹13,690 (₹2,377 की बढ़ोतरी)
अर्धकुशल श्रमिक (Semi-Skilled):
- पहले: ₹12,445
- अब: ₹15,059 (₹1,614 की बढ़ोतरी)
कुशल श्रमिक (Skilled):
- पहले: ₹13,940
- अब: ₹16,868 (₹2,928 की बढ़ोतरी)
नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में कुशल श्रमिकों को करीब 21% तक की बढ़ोतरी मिली है, जो अन्य क्षेत्रों से काफी ज्यादा है।
अन्य नगर निगम वाले जनपदों में नई दरें (जैसे लखनऊ, कानपुर, मेरठ आदि)
अकुशल: ₹11,313 → ₹13,006 अर्धकुशल: ₹12,445 → ₹14,306 कुशल: ₹13,940 → ₹16,025
प्रदेश के अन्य जनपदों में नई दरें
अकुशल: ₹11,313 → ₹12,356 अर्धकुशल: ₹12,445 → ₹13,591 कुशल: ₹13,940 → ₹15,224
ये नई दरें सभी अनुसूचित रोजगारों (74 अनुसूचित रोजगार) पर लागू होंगी, जिसमें फैक्ट्री, निर्माण, होटल, परिवहन, दुकानें आदि शामिल हैं।
क्यों की गई यह बढ़ोतरी?
13 अप्रैल 2026 को नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों (यहां तक कि फरीदाबाद-पलवल तक) में हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए थे। न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने, समय पर वेतन भुगतान और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन हुए, जिनमें कुछ जगह हिंसा भी देखी गई।
योगी सरकार ने तुरंत हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर यह अंतरिम वृद्धि लागू कर दी। इसका मकसद औद्योगिक शांति बनाए रखना और श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारना है। सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही “20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन” वाली खबर पूरी तरह भ्रामक है।
श्रमिकों को क्या फायदा होगा?
- नोएडा-गाजियाबाद के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ, खासकर कुशल और अकुशल वर्ग को।
- कानूनी रूप से अब नियोक्ता इन दरों से कम वेतन नहीं दे सकेंगे।
- महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त आय से परिवार की बेहतर देखभाल संभव होगी।
- ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा के नियम सख्ती से लागू होंगे।
- महिला श्रमिकों की सुरक्षा और समान वेतन पर भी जोर दिया जाएगा।
योगी सरकार की मजदूर हितैषी पहल!
योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार श्रम सुधारों पर काम कर रही है। हाल के महीनों में महंगाई भत्ते में संशोधन, समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और श्रमिक कल्याण योजनाओं को मजबूत किया गया है। यह अंतरिम वृद्धि भी उसी दिशा में एक कदम है।
सरकार ने सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे नई दरों का सख्ती से पालन करें। उल्लंघन पर श्रम विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही, अराजक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर भी नजर रखी जा रही है।
नोएडा और गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी में की गई यह बढ़ोतरी श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। अब गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के अकुशल श्रमिक को ₹13,690, अर्धकुशल को ₹15,059 और कुशल को ₹16,868 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह फैसला औद्योगिक क्षेत्रों में शांति और विकास दोनों को बढ़ावा देगा।