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होर्मुज टोल टैक्स क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारत से टोल टैक्स वसूला जा रहा है? ईरान ने खुद दे दिया साफ जवाब!

On: May 21, 2026 11:28 AM
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होर्मुज टोल टैक्स : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टोल टैक्स को लेकर उठे सवालों पर ईरान के राजदूत ने भारत को बड़ी राहत दी है। जानिए पूरा मामला, 15 फंसे भारतीय जहाजों की स्थिति और भारत की रणनीति।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव और नाकेबंदी की खबरों के बीच यह सवाल जोरों पर था कि क्या ईरान भारत से होर्मुज स्ट्रेट पर टोल टैक्स वसूल रहा है? अब ईरान ने खुद इस पर साफ जवाब दे दिया है, जो भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है।

होर्मुज टोल टैक्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मैप और समुद्री मार्ग
होर्मुज टोल टैक्स Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर लगने वाला टोल टैक्स

होर्मुज स्ट्रेट पर टोल टैक्स की अफवाहें क्यों फैलीं?

हाल ही में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान और ओमान मिलकर गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूल सकते हैं। यहां तक कि कुछ मीडिया में यह भी कहा गया कि प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक का चार्ज लिया जा रहा है।

ऐसी खबरों से भारत में चिंता बढ़ गई क्योंकि भारत अपना बड़ा हिस्सा कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ही आयात करता है। अगर टोल लगता तो तेल की कीमतें बढ़कर आम आदमी तक असर करतीं। लेकिन अब ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फताली ने इन अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

होर्मुज टोल टैक्स ईरान का साफ जवाब: भारत से कोई टोल नहीं

  • ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आप भारत सरकार से
  • पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई रकम वसूली है या नहीं।”
  • उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि भारतीय जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया गया है।
  • न्यूज18 से विशेष बातचीत में फताली ने आगे कहा, “इस मुश्किल समय में हमारे अच्छे संबंध हैं।
  • हमारा मानना है कि भारत और ईरान हित साझा कर सकते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा
  • कि भारतीय जहाजों को भविष्य में भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा।

राजदूत ने यह भी बताया कि जल्द ही ईरान एक व्यवस्था का ऐलान करेगा, जिसमें जहाजों के सुरक्षित निकलने की प्रक्रिया स्पष्ट की जाएगी। भारत-ईरान के मजबूत सांस्कृतिक और भरोसेमंद संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत को “समझदार और विश्वसनीय साथी” बताया।

15 भारतीय जहाज फंसे, सरकार कर रही प्रयास

  • बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल स्ट्रेट ऑफ
  • होर्मुज में 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले पोत फंसे हुए हैं।
  • अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर इन जहाजों
  • को सुरक्षित वापस लाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
  • जैसे ही हालात अनुकूल होंगे और सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिलेगी, इन जहाजों को
  • वापस लाया जाएगा। ईरान की तरफ से सुरक्षित रास्ता देने के आश्वासन से इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या हो रहा है?

अमेरिकी नाकेबंदी को कई देशों ने समर्थन नहीं दिया। ब्रिटेन ने खुलकर विरोध जताया, जापान ने होर्मुज में माइनस्वीपर तैनात करने का फैसला टाल दिया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि उसे अमेरिका की तरफ से कोई संदेश नहीं मिला।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की कि फ्रांस और ब्रिटेन मिलकर होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।

भारत की स्थिति: फ्री और सुरक्षित नेविगेशन

  • #भारत सरकार ने बार-बार कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है
  • और यहां फ्रीडम ऑफ नेविगेशन का सिद्धांत लागू होता है।
  • कोई भी देश एकतरफा टोल नहीं लगा सकता। विदेश मंत्रालय के अनुसार
  • इस मुद्दे पर ईरान के साथ अभी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
  • भारत का रुख साफ है – होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना
  • किसी बाधा और सुरक्षित रूप से जारी रहनी चाहिए।

भारत-ईरान संबंध मजबूत

ईरान के राजदूत का बयान भारत के लिए सकारात्मक है। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच मुश्किल समय में भी विश्वास और सहयोग बना हुआ है। तेल आयात के मामले में भारत को फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने वाला है।

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