बच्चों की हत्या मणिपुर : 17 अप्रैल 2026 को मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया। 7 अप्रैल 2026 को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में हुए बम ब्लास्ट में दो मासूम बच्चों की मौत के विरोध में हजारों लोग टॉर्च रैली निकालने उतरे। प्रदर्शनकारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर निकले, जिसके दौरान सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़प हो गई।
रैली शाम 7 बजे सिंगजामेई क्षेत्र से शुरू हुई और लगभग 2 किलोमीटर आगे चिंगमथक क्षेत्र तक पहुंची। चिंगमथक मुख्यमंत्री आवास, पुलिस मुख्यालय और लोक भवन के पास स्थित है। प्रदर्शनकारियों ने टॉर्च लेकर हाथों में मशालें थाम रखी थीं और सुरक्षा बलों के खिलाफ नारे लगाए।

बच्चों की हत्या मणिपुर क्या था पूरा मामला?
7 अप्रैल 2026 की रात करीब 1:30 बजे ट्रोंगलाओबी अवांग लीके में एक घर में बम विस्फोट हुआ। इस हमले में एक 5 साल का लड़का और उसकी 6 महीने की छोटी बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चे सो रहे थे। उनकी मां गंभीर रूप से घायल हुईं। बच्चे मुख्य रूप से हिंदू मेइती समुदाय से थे।
इस घटना के बाद राज्य में गुस्सा भड़क गया। लोगों ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। 16 अप्रैल (गुरुवार) शाम को हजारों लोग टॉर्च रैली निकालने सड़कों पर उतर आए।
सुरक्षा बलों से झड़प
- रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी की और
- पत्थरबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
- इस झड़प में कम से कम 5 लोग घायल हुए, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ और अन्य छोटी
- चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा बल भीड़ से घिरे हुए थे
- और उन्हें स्थिति नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मणिपुर में जारी अशांति का बैकग्राउंड
- मणिपुर में मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा चल रही है।
- अब तक 260 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हजारों बेघर हो चुके हैं।
- ट्रोंगलाओबी ब्लास्ट के बाद इम्फाल और आसपास के इलाकों में
- शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक सख्त कर्फ्यू लगा दिया गया था। इंटरनेट सेवाएं भी प्रतिबंधित हैं।
- सरकारी अधिकारियों ने कहा कि कुछ तत्व मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर
- सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ अपना एजेंडा चला रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग
- बम ब्लास्ट के दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी
- मासूम बच्चों की हत्या के दोषियों पर सख्त कार्रवाई
- राज्य में बढ़ रही हिंसा पर अंकुश लगाना
रैली में मुख्य रूप से महिलाएं और स्थानीय लोग शामिल थे। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
मणिपुर की स्थिति पर चिंता
- यह घटना मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच आई है। राज्य में लगातार हिंसा
- बम विस्फोट और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में चुराचांदपुर जिले में सुरक्षा
- बलों पर फायरिंग के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
- विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की मौत जैसी घटनाएं न सिर्फ परिवारों को तोड़ रही हैं
- बल्कि पूरे राज्य में गुस्सा और अविश्वास बढ़ा रही हैं।
इम्फाल में टॉर्च रैली और उसके बाद हुई झड़प मणिपुर की लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाती है। दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। लोगों की मांग है कि दोषियों को सजा मिले और राज्य में शांति स्थापित हो।
सरकार और सुरक्षा बलों को संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभालना होगा ताकि और हिंसा न फैले। मणिपुर की जनता लंबे समय से शांति की आस लगाए बैठी है। ऐसी घटनाएं इस आस को और कमजोर कर रही हैं।