देश में लगेगा लॉकडाउन की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। पश्चिम एशिया (ईरान-इजराइल) में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच कई लोग चिंतित थे कि क्या भारत में फिर से लॉकडाउन लगेगा? क्या पेट्रोल-डीजल की कमी हो जाएगी? इन सवालों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ-साफ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह का लॉकडाउन नहीं लगाएगी और पेट्रोल, डीजल तथा एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है।
देश में लगेगा लॉकडाउन अमित शाह का बड़ा बयान – लॉकडाउन की अफवाहें खारिज
27 मार्च 2026 को टाइम्स नाउ समिट में अमित शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। हम सामान्य कामकाज जारी रखते हुए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया भर में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके आम लोगों को राहत दी है।
अमित शाह ने आगे बताया कि एलपीजी सिलेंडर या ईंधन की कोई कमी नहीं है। भारत पहले 27 देशों से तेल आयात करता था, अब यह संख्या बढ़कर 42 हो गई है। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और आपूर्ति चेन पर कोई असर नहीं पड़ा है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर – मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ईरान पर हमले, इजराइल-ईरान संघर्ष और गल्फ देशों में तनाव के कारण कई देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। लेकिन भारत में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
- अमित शाह ने कहा, “जब पूरी दुनिया में खुदरा कीमतें बढ़ रही हैं, तब भारत में पेट्रोल
- और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। यह मोदी सरकार की दूरदर्शिता और मजबूत कूटनीति का नतीजा है।
- सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम आदमी को बोझ नहीं डाला।
- पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी अब मात्र 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है
- जबकि डीजल पर इसे शून्य के करीब लाया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्री बैठक – ‘टीम इंडिया’ का जोर
यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ डिजिटल बैठक की। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।
- पीएम मोदी ने बैठक में जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें।
- आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रखें, होर्डिंग (जमा करने) और कालाबाजारी पर सख्त नजर रखें।
- कोविड-19 के समय ‘टीम इंडिया’ ने जो सफलता हासिल की थी, उसी भावना से इस संकट का सामना करना है।
- मुख्यमंत्री जैसे योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), रेवंत रेड्डी
- (तेलंगाना) आदि शामिल हुए। सभी ने सामान्य स्थिति बनाए रखने पर सहमति जताई।
अफवाहों से बचें, सही जानकारी पर भरोसा करें
अमित शाह ने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर फैल रही गलत खबरों से बचें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और हर जरूरी कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, “देश में सामान्य जीवन चलता रहे, अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो, यही हमारा लक्ष्य है।”
भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे मजबूत हुई?
- आयात स्रोतों में विविधता: 27 से बढ़कर 42 देश
- एक्साइज ड्यूटी में कटौती: आम आदमी को राहत
- केंद्र-राज्य समन्वय: तेज सूचना आदान-प्रदान
- होर्डिंग और मिसइनफॉर्मेशन पर सख्ती
ये कदम दिखाते हैं कि मोदी सरकार न सिर्फ संकट का सामना कर रही है बल्कि लोगों के हितों की रक्षा भी कर रही है।
सामान्य रहें, घबराएं नहीं
- देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी
- की भरपूर स्टॉक उपलब्ध है। कीमतें स्थिर हैं और आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी है।
- अमित शाह के स्पष्ट बयान ने सारी अफवाहों पर विराम लगा दिया है।
मोदी सरकार की प्राथमिकता है – ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों का हित। ऐसे समय में हर नागरिक को जिम्मेदार बनना चाहिए। सही जानकारी साझा करें, अफवाहें न फैलाएं और सरकार के साथ विश्वास बनाए रखें।
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