बालेन शाह : नेपाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। रैपर से राजनेता बने बालेन शाह (बालेंद्र शाह) के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के महज 24 घंटे के अंदर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना नेपाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही सख्त कार्रवाई का संकेत दे रही है।
शनिवार तड़के नेपाल पुलिस ने केपी शर्मा ओली को उनके भक्तपुर (गुंडू) स्थित आवास से हिरासत में लिया। साथ ही नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों पर सितंबर 2025 के ‘Gen Z आंदोलन’ के दौरान हुई हिंसा और अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में लापरवाही का आरोप है।

बालेन शाह ने कब ली PM की शपथ?
35 वर्षीय बालेन शाह, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं, ने 27 मार्च 2026 को 12:34 के शुभ मुहूर्त में नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। मार्च 2026 के आम चुनाव में उन्होंने केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हराया था। बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक हैं और उनकी भारत से भी गहरी दोस्ती रही है।
- शपथ लेने के तुरंत बाद नई सरकार एक्शन मोड में आ गई। कैबिनेट की
- पहली बैठक में ही जेन जेड आंदोलन की जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया
- जिसके बाद गिरफ्तारियां शुरू हो गईं।
Gen Z क्रांति क्या थी? पूरा मामला समझें
- सितंबर 2025 में नेपाल में युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे
- जिन्हें ‘Gen Z क्रांति’ या ‘जेन जेड आंदोलन’ कहा गया। शुरुआत डिजिटल स्वतंत्रता की मांग से हुई
- लेकिन जल्द ही यह भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, खराब शासन और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ व्यापक आंदोलन बन गया।
- केपी शर्मा ओली उस समय प्रधानमंत्री थे। सरकार द्वारा प्रदर्शनों को दबाने के लिए की गई
- सख्त कार्रवाई में हिंसा भड़क गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आंदोलन में कम से कम 76 लोगों की मौत हुई
- और 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए। पहले दिन ही गोलीबारी में 19 युवाओं
- की जान चली गई थी, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।
इसी आंदोलन के दबाव में केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में गठित उच्चस्तरीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने कहा कि कार्यकारी प्रमुख के रूप में ओली को हिंसा रोकने में विफलता का दोष है। रिपोर्ट में पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
यदि अदालत उन्हें दोषी करार देती है तो इन पर अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है।
केपी शर्मा ओली का पलटवार
केपी शर्मा ओली ने गिरफ्तारी को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है। उन्होंने कहा कि जांच आयोग की रिपोर्ट लापरवाहीपूर्ण, चरित्र हनन वाली और नफरत की राजनीति से प्रेरित है। ओली के समर्थक इसे नई सरकार द्वारा पुरानी सत्ता का बदला मान रहे हैं।
दूसरी ओर, नई सरकार के गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने सोशल मीडिया पर लिखा – “वादा है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।” यह बयान साफ संकेत देता है कि नई सरकार भ्रष्टाचार और पुरानी गलतियों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी।
- नेपाल राजनीति में बदलाव का संकेत
- बालेन शाह की जीत को युवा वोटर्स की जीत माना जा रहा है। उनकी पार्टी ने भ्रष्टाचार
- मुक्त शासन, अच्छे गवर्नेंस और युवाओं के मुद्दों पर चुनाव लड़ा था।
- ओली की गिरफ्तारी से साफ है कि नई सरकार पुरानी राजनीतिक संस्कृति को बदलने का प्रयास कर रही है।
- हालांकि, कई राजनीतिक विश्लेषक चिंता जता रहे हैं कि यह कदम नेपाल की राजनीति
- को और अस्थिर कर सकता है। केपी शर्मा ओली नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (UML)
- के प्रमुख नेता हैं और उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही है।
भारत-नेपाल संबंधों पर क्या असर?
बालेन शाह की भारत से अच्छी दोस्ती है। उन्होंने पहले भी भारत के साथ अच्छे संबंधों की बात की है। वहीं, केपी शर्मा ओली के कार्यकाल में भारत-नेपाल संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था। अब देखना होगा कि नई सरकार दोनों देशों के बीच संबंधों को कैसे आगे बढ़ाती है।
क्या नया युग शुरू हो रहा है?
बालेन शाह के PM बनते ही नेपाल में सख्त कार्रवाई शुरू होना युवा नेतृत्व के नए स्वरूप को दिखाता है। Gen Z आंदोलन ने नेपाल की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया। अब सवाल यह है कि क्या बालेन शाह अपनी सरकार को स्थिर रख पाएंगे और वादे पूरे कर पाएंगे?
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