नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट : उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एयरपोर्ट का सपना आज का नहीं, बल्कि लगभग 25 साल पुराना है? इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला श्रेय देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दिया जाता है, जिन्होंने वर्ष 2001 में इस एयरपोर्ट का प्रस्ताव रखा था।
कैसे शुरू हुआ जेवर एयरपोर्ट का सपना?
साल 2001 में जब राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने जेवर में एक ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा। इसके बाद 2003 में इस परियोजना की तकनीकी रिपोर्ट को मंजूरी भी मिल गई थी।

हालांकि, इसके बाद यह प्रोजेक्ट कई सालों तक फाइलों में ही अटका रहा। अलग-अलग सरकारों के दौरान इसे कभी हरियाणा, कभी राजस्थान और कभी अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने की चर्चा भी हुई, जिससे इसकी प्रगति रुक गई।
25 साल बाद सपना हुआ साकार
करीब दो दशकों की लंबी देरी के बाद, 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद इस प्रोजेक्ट को नई गति मिली।
- 2018 में केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी
- 2019 में ज्यूरिख इंटरनेशनल को निर्माण का ठेका
- 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास
- 2026 में उद्घाटन की तैयारी
इस तरह 25 साल बाद यह सपना अब हकीकत बन रहा है।
कब होगा उद्घाटन और कब शुरू होंगी उड़ानें?
- ताजा जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन मार्च 2026 के अंत तक होने
- की संभावना है और इसके बाद लगभग 1–1.5 महीने में फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।
- शुरुआत में यह एयरपोर्ट देश के बड़े शहरों जैसे मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु से जुड़ सकता है
- जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाया जा रहा है।
- पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता
- भविष्य में 7 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को संभालने की क्षमता
- कुल 5 रनवे बनने की योजना
यह एयरपोर्ट न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के एविएशन सेक्टर में बड़ा बदलाव लाएगा।
क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट?
जेवर एयरपोर्ट कई मायनों में खास है:
- दिल्ली के IGI एयरपोर्ट का विकल्प बनेगा
- यमुना एक्सप्रेसवे से शानदार कनेक्टिविटी
- पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
- लाखों लोगों को रोजगार के अवसर
यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
चुनौतियाँ भी आईं सामने
- जहां एक तरफ यह प्रोजेक्ट विकास का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं।
- हाल ही में जमीन देने वाले परिवारों ने रोजगार को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया है
- क्योंकि उन्हें उम्मीद के मुताबिक नौकरी नहीं मिल पाई।
- यह दिखाता है कि बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि 25 साल के संघर्ष, योजना और विकास का प्रतीक है। इस प्रोजेक्ट की नींव रखने का श्रेय राजनाथ सिंह को जाता है, जबकि इसे पूरा करने में कई सरकारों और एजेंसियों का योगदान रहा है।
आने वाले समय में यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
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