एलपीजी संकट ट्रंप : देश में एलपीजी गैस की भारी कमी ने आम लोगों से लेकर उद्योगों तक को प्रभावित कर दिया है। होटल बंद हो रहे हैं, फैक्ट्रियां प्रभावित हैं और लाखों लोगों का रोजगार खतरे में पड़ गया है। इसी बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने दावा किया है कि पीएम मोदी अब डोनाल्ड ट्रंप के गुलाम बन चुके हैं और इसी वजह से देश एलपीजी संकट का शिकार हो रहा है।
एलपीजी संकट की वजह क्या है? केजरीवाल ने बताई पूरी कहानी
11 मार्च 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में एलपीजी गैस की किल्लत गंभीर समस्या बन गई है। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि देश में उत्पादित होने वाली गैस का 50% उत्पादन कम हो गया है। भारत की 60% एलपीजी गैस आयात की जाती है, जिसमें से 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता था। लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध (ईरान-इजरायल संघर्ष) के कारण यह रास्ता बंद हो गया है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईरान रूस और चीन जैसे देशों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे रहा है, लेकिन भारत को नहीं। इसका कारण उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति को बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने युद्ध में अमेरिका और इजरायल का पक्ष लिया और ईरान को दुश्मन बना लिया। यही वजह है कि आज देश गैस संकट झेल रहा है।”
पीएम मोदी ट्रंप के गुलाम? केजरीवाल का सबसे बड़ा बयान
- अरविंद केजरीवाल ने सबसे विवादास्पद बयान देते हुए कहा, “मुझे शर्म आती है, लेकिन लगता है
- कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब डोनाल्ड ट्रंप के गुलाम बन चुके हैं। ट्रंप के पास मोदी का कोई राज है,
- जिसकी वजह से वह देश को बर्बाद कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा
- कि गुटनिरपेक्ष नीति तोड़ना पीएम मोदी की सबसे बड़ी गलती थी।
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि भारत एक स्वतंत्र देश है, फिर भी हमारी विदेश नीति अमेरिका के इशारों पर क्यों चल रही है? उन्होंने दावा किया कि इस नीति के कारण ही एलपीजी संकट पैदा हुआ और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।
लाखों लोगों का रोजगार खतरे में – संकट की गहराई
- एलपीजी की कमी से देशभर में प्रभाव पड़ रहा है। केजरीवाल ने बताया कि मुंबई, तमिलनाडु
- दिल्ली-एनसीआर, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों में हजारों होटल बंद हो चुके हैं।
- गुजरात के मोरबी में टाइल्स कारोबार से जुड़े एक लाख लोग पहले ही बेरोजगार हो चुके हैं।
- उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में देशभर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों का रोजगार जा सकता है।
होटल, रेस्तरां, फैक्ट्रियां और छोटे-मध्यम उद्योग पूरी तरह प्रभावित हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। केजरीवाल ने कहा कि यह संकट सिर्फ गैस का नहीं, बल्कि सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ और विपक्ष?
- यह संकट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से जुड़ा है। कई विशेषज्ञ मानते हैं
- कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- विपक्षी दल जैसे कांग्रेस भी मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं और इसे “अमेरिकी ब्लैकमेल” बता रहे हैं।
- केजरीवाल का बयान इसी राजनीतिक बहस को और तेज कर रहा है।
सरकार को क्या करना चाहिए?
अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि केंद्र सरकार तुरंत कदम उठाए और वैकल्पिक रास्तों से गैस आयात बढ़ाए। उन्होंने पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग तक कर डाली है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस संकट से निपटने के लिए कोई ठोस प्लान लाएगी या राजनीतिक बयानबाजी जारी रहेगी?