एलनाज नोरौजी : ईरानी मूल की बॉलीवुड एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आने पर उन्होंने खुशी जाहिर की और जश्न मनाया। इंस्टाग्राम पर वीडियो और पोस्ट शेयर कर उन्होंने कहा कि “47 साल से जिस खबर का इंतजार था, वो आ गई। खामेनेई मर गया। भगवान सबसे बड़ा है।” यह बयान ईरान के इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
एलनाज नोरौजी कौन हैं?
#एलनाज नोरौजी का जन्म 1992 में तेहरान, ईरान में हुआ था। उनकी फैमिली जल्द ही जर्मनी शिफ्ट हो गई, जहां उन्होंने मॉडलिंग से करियर शुरू किया। भारत में उन्हें नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज Sacred Games में जोया मिर्जा के रोल से फेम मिला। इसके अलावा उन्होंने कई बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में काम किया है और डांस से भी फैंस को इंप्रेस किया है।

एलनाज ईरान की मौजूदा स्थिति से हमेशा नाराज रही हैं। 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हिजाब विरोधी प्रदर्शनों में उन्होंने खुलकर आवाज उठाई थी। उन्होंने वीडियो शेयर कर ईरान की सरकार की आलोचना की और महिलाओं की आजादी की बात कही।
खामेनेई की मौत पर एलनाज का रिएक्शन
- 1 मार्च 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में अली खामेनेई की मौत की खबर आई।
- एलनाज ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर यह न्यूज शेयर की और लिखा – “यह हमारे लिए सबसे
- अविश्वसनीय खबर है। 47 साल से जिस न्यूज का इंतजार था, वो आ गई। खामेनेई मर गया।
- गॉड इज ग्रेट।” उन्होंने “थैंक यू” लिखा और खुशी वाले इमोजी लगाए।
एक वीडियो में वे नाचते हुए दिखीं और बोलीं – “हम एक तानाशाह की मौत मना रहे हैं।” उन्होंने ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक को 47 साल से लोगों को सताने वाला बताया। कहा कि अगर कोई आम नागरिक मरता है तो जिम्मेदार ईरान की सरकार है। उन्होंने हमास, हूती, हिजबुल्लाह जैसे ग्रुप्स को आतंकी संगठन बताया और कहा कि ईरान ने ही इस युद्ध की शुरुआत की।
- एलनाज ने कैप्शन में लिखा – “Free Iran, Javid Shah” और प्रार्थना की कि
- हमले सिर्फ आतंकियों पर हों, निर्दोष नागरिकों पर नहीं।
क्यों मनाया जश्न? एलनाज का बैकग्राउंड
एलनाज ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद के रिजीम से नफरत करती हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पहले विविधतापूर्ण था – जॉरोस्ट्रियन, क्रिश्चियन, बहाई आदि। लेकिन अब यह तानाशाही है। महिलाओं पर हिजाब थोपा जाता है, फ्रीडम ऑफ स्पीच नहीं है। राजनीतिक कैदी बनाए जाते हैं।
- महसा अमीनी प्रोटेस्ट में उन्होंने कहा था – “ईरान कभी इस्लामिक देश नहीं था
- यह पर्शिया था।” परिवार की चिंता के बावजूद वे बोलती रहीं। अब खामेनेई की मौत
- को वे ईरान की आजादी की शुरुआत मान रही हैं।
ईरान-इजरायल युद्ध का संदर्भ
- यह घटना अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद हुई, जिसमें तेहरान पर स्ट्राइक्स हुए।
- ईरान में कुछ जगहों पर जश्न मनाया गया, लोग सड़कों पर नाच रहे हैं।
- लेकिन ऑफिशियल तौर पर मातम भी है। एलनाज ने कहा कि इंटरनेट ब्लैकआउट है, परिवार से संपर्क नहीं हो रहा।
विवाद और रिएक्शन
एलनाज के पोस्ट से विवाद हुआ। कुछ लोग उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ आलोचना कर रहे हैं। ईरानी डायस्पोरा में कई लोग खुश हैं, लेकिन ईरान में खतरा है। एलनाज ने चेतावनी दी कि उत्साह में सड़कों पर न निकलें, क्योंकि रिस्क है।
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