ऑपरेशन सिंदूर : भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र होते ही अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पपारो ने भारत की जमकर तारीफ की। नई दिल्ली में अपनी यात्रा के दौरान दिए गए बयान में उन्होंने भारतीय सेना के संयम और रणनीतिक निष्पादन की प्रशंसा की। यह बयान भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स, ऑपरेशन सिंदूर क्या था और अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था? बैकग्राउंड
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था। यह पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। हमले में हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया गया, जिसके कारण इस ऑपरेशन का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया – जो सुहाग की निशानी है और एक मजबूत संदेश देता है।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर जैसे इलाकों में 9-24 लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। ऑपरेशन में हैमर मिसाइल जैसी एडवांस्ड तकनीक का इस्तेमाल हुआ, जिससे आतंकी ढांचा तबाह हुआ। भारत ने इसे संयमित और सटीक कार्रवाई बताया, जबकि पाकिस्तान ने इसे युद्ध की कार्रवाई कहा। ऑपरेशन ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूत किया और नई रक्षा रणनीति स्थापित की।
अमेरिकी कमांडर एडमिरल पपारो का बयान – क्या कहा?
नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में एडमिरल सैमुअल जे पपारो ने कहा:
- “हम दिखाए गए संयम की सराहना करते हैं… मुझे लगता है कि इस तरह के अभियानों को देखकर सभी शांतिप्रिय राष्ट्र चिंतित हो जाते हैं।”
- उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के ‘टैक्टिकल एक्जीक्यूशन’ और संयम की खूब तारीफ की।
- “हम हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा में भारत के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हैं।”
- भारत-अमेरिका के हित समान हैं। दोनों देश संप्रभुता, नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्र की आजादी के सिद्धांतों पर प्रतिबद्ध हैं।
- हिंद-प्रशांत में बढ़ती ‘जबरन कार्रवाई’ और ‘आक्रामकता’ (चीन का अप्रत्यक्ष संकेत) पर चिंता जताई, लेकिन भारत-अमेरिका साझेदारी से शांति बनाए रखने पर जोर दिया।
- पपारो ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा संबंध ‘तेजी से मजबूत’ हो रहे हैं।
- साझेदारी से ‘प्रतिरोध’ पर बड़ा असर पड़ता है, क्योंकि यह शक्ति के
- बल पर शांति स्थापित करने का साझा उद्देश्य दर्शाता है।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का नया दौर
- यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक छवि को दिखाता है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल
- आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की, बल्कि आधुनिक युद्ध में तकनीकी आत्मनिर्भरता भी साबित की।
- अमेरिकी अधिकारी के शब्दों में भारत का योगदान हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए अहम है।
- दोनों देश अब अंडरसी डोमेन अवेयरनेस, मैरीटाइम सिक्योरिटी और सैन्य सहयोग बढ़ा रहे हैं।
पपारो ने ऑपरेशन से सीखने की बात कही – जैसे लंबी दूरी की हथियारों और किल चेन की जटिलता। यह भारत की सैन्य तैयारी और निरंतर सतर्कता की मिसाल है।
वैश्विक प्रभाव और भारत की मजबूत स्थिति
- ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इसे ‘विजयोत्सव’ बताया। कई अमेरिकी विशेषज्ञों
- ने भी इसे ‘मैसिव सक्सेस’ कहा, जिसमें सटीकता, संयम और डिटरेंस की नई लाइन स्थापित हुई।
यह घटना भारत की रक्षा नीति में बदलाव दिखाती है – पुराने हथियारों से आज का युद्ध नहीं जीता जा सकता। आत्मनिर्भर भारत की मिसाइलें और तकनीक अब दुनिया देख रही है।
भारत की बढ़ती ताकत
एडमिरल पपारो का बयान भारत के लिए गर्व की बात है। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल दुश्मनों को सबक सिखाया, बल्कि दोस्त देशों से सम्मान भी कमाया। भारत-अमेरिका की साझेदारी हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता की गारंटी बनेगी। क्या यह नई शुरुआत है? फैंस और विशेषज्ञ दोनों उत्सुक हैं!
Read More : Boldfit Badminton Shoes for Man – क्या यह आपके गेम को अगले लेवल पर ले जाएगा?