लखनऊ आत्महत्या मामला : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। एक 23 वर्षीय मॉडलिंग की छात्रा और आकांक्षी तनु सिंह ने पति द्वारा मजाक में ‘बंदरिया’ कहे जाने से इतनी आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 30 जनवरी 2026 को सहादतगंज थाना क्षेत्र के लकड़मंडी इलाके में हुई, जहां परिवार हंसी-मजाक के माहौल में था, लेकिन एक शब्द ने सब कुछ बदल दिया।
घटना का पूरा विवरण
दोपहर करीब 1:30 बजे घर में राहुल श्रीवास्तव (पति, ऑटो चालक), तनु सिंह (पत्नी), तनु की बड़ी बहन और उसका बेटा मौजूद थे। सभी आपस में ठिठोली कर रहे थे। इसी दौरान राहुल ने मजाक में तनु को ‘बंदरिया’ कह दिया। तनु, जो मॉडलिंग कोर्स कर रही थी और अपने लुक्स, खूबसूरती को लेकर बहुत संवेदनशील थी, इस कमेंट से गहरी चोट पहुंची। वह नाराज होकर दूसरे कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

- राहुल को लगा कि यह मामूली नाराजगी है। वह खाना लेने के लिए घर से बाहर चला गया।
- लगभग आधे घंटे बाद लौटने पर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
- खिड़की से झांककर देखा तो तनु रोशनदान के सहारे कपड़े के फंदे पर लटकी हुई थी।
- परिजनों ने फौरन दरवाजा तोड़ा, उसे नीचे उतारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले गए।
- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
सहादतगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है, जो आपसी तकरार और मानसिक संताप से जुड़ा लगता है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या पहले से कोई गंभीर विवाद था या सिर्फ इस एक मजाक ने तनु को इतना तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक, दोनों के बीच प्रेम था और चार साल पहले प्रेम विवाह हुआ था। राहुल ऑटो चलाते हैं, जबकि तनु मॉडलिंग का सपना देख रही थी।
क्यों इतना आहत हुई तनु?
- तनु सिंह मॉडलिंग की छात्रा थीं। ग्लैमर इंडस्ट्री में नाम कमाने की कोशिश में वह अपनी फिजिकल
- अपीयरेंस, त्वचा, फिगर और लुक्स पर बहुत ध्यान देती थीं। ऐसे में ‘बंदरिया’ जैसे
- शब्द, भले ही मजाक में कहा गया हो, उनके आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचा सकता था।
- विशेषज्ञों का कहना है कि ब्यूटी और मॉडलिंग से जुड़े लोग अक्सर बॉडी इमेज इश्यूज से जूझते हैं।
- एक छोटा-सा कमेंट भी डिप्रेशन या एंग्जायटी ट्रिगर कर सकता है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि मजाक की सीमा क्या होनी चाहिए। खासकर पार्टनर के साथ, जहां संवेदनशील मुद्दों पर बात हो। कई बार लोग हंसी-मजाक में ऐसे शब्द बोल देते हैं जो सामने वाले के लिए बेहद दर्दनाक साबित होते हैं।
समाज में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं!
यह केस सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी को दिखाता है। उत्तर प्रदेश में आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं में। मॉडलिंग, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जैसे फील्ड में बॉडी शेमिंग, ट्रोलिंग और प्रेशर आम है। तनु जैसी युवतियां अक्सर अकेले ही इस दबाव से जूझती हैं।
परिवार और समाज को चाहिए कि:
- पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें।
- मजाक में भी बॉडी शेमिंग वाले शब्दों से बचें।
- अगर कोई उदास या आहत दिखे, तो बात करें और मदद लें।
- मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन (जैसे किरण हेल्पलाइन 1800-599-0019) का इस्तेमाल करें।
एक छोटे मजाक ने एक होनहार युवती की जिंदगी छीन ली। तनु सिंह का सपना मॉडलिंग में नाम कमाने का था, लेकिन एक शब्द ने सब खत्म कर दिया। यह घटना हमें सिखाती है कि शब्दों की ताकत कितनी बड़ी होती है – वे जिंदगी दे सकते हैं या छीन भी सकते हैं।