प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : के साथ परीक्षा पे चर्चा 2026 एक बार फिर छात्रों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का बड़ा मंच साबित हुआ। यह कार्यक्रम 6 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां पीएम मोदी ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। इस 9वें संस्करण में रिकॉर्ड 4.5 करोड़ से अधिक प्रतिभागी (4,50,13,379) जुड़े, जिसमें लगभग 4.19 करोड़ छात्र, 24 लाख शिक्षक और 6 लाख अभिभावक शामिल थे। यह पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी तोड़ चुका है। कार्यक्रम अब सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है, जो परीक्षा के डर को उत्सव में बदलने पर फोकस करता है।
कार्यक्रम का अवलोकन और छात्रों की भागीदारी
परीक्षा पे चर्चा 2026 में विभिन्न राज्यों से छात्र आए – गुजरात से संवी आचार्य, सिक्किम से श्रेया प्रधान, मणिपुर से इमोटा केइशाम, पंजाब से एकम कौर, तमिलनाडु से निखिल, लद्दाख से पद्मा आदि। छात्रों ने सवाल पूछे, गीत गाए, कविताएं सुनाईं और तोहफे भेंट किए। एक छात्र ने अपनी रचना गाकर सुनाई, जबकि अन्य ने हैंडमेड गिफ्ट्स जैसे ऑर्गेनिक चाय, स्केच और बुक्वे दिए। पीएम मोदी ने असम के गमछे पहनाकर छात्रों को सशक्तिकरण का संदेश दिया।

परीक्षा तनाव प्रबंधन और पढ़ाई के पैटर्न पर सलाह
पीएम मोदी ने परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि जीवन विकास का माध्यम बताया। उन्होंने कहा, “परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि सर्वांगीण विकास का एक हिस्सा है।” छात्रों को अपने पढ़ाई पैटर्न पर भरोसा रखने की सलाह दी – “अपने पैटर्न पर पूरा विश्वास रखो, लेकिन सुझाव सुनो और अच्छा लगे तो अपनाओ।” टीचर धीरे पढ़ाते हैं तो पहले से चैप्टर पढ़कर जिज्ञासा बढ़ाओ। बोर्ड एग्जाम को प्राथमिकता दो, कॉम्पिटिटिव एग्जाम उसके बाद का बाय-प्रोडक्ट है। पिछले पैटर्न पर निर्भर मत रहो, पूरा सिलेबस पढ़ो।
समय प्रबंधन और जीवन कौशल (लाइफ स्किल्स)
- समय प्रबंधन के लिए डेली डायरी में टास्क लिखने और रिव्यू करने की टिप दी।
- “सोने से पहले अगले दिन के काम लिखो और क्या हुआ, उसका विश्लेषण करो।
- मार्क्स vs स्किल्स पर जोर देते हुए कहा, “स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है।
- लाइफ स्किल्स (रोजमर्रा की आदतें, बातचीत, खाना बनाना) और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों जरूरी हैं।
- बैलेंस बनाओ, जैसे खाना और सोना – ज्यादा एक तरफ झुको तो गिर जाओगे।”
सपनों को हकीकत बनाने की राह
“सपने देखना क्राइम नहीं, लेकिन सिर्फ गुनगुनाना काम नहीं आता।” बड़े सपने देखो, लेकिन छोटे स्टेप्स लो। बायोग्राफी पढ़ो, शुरुआत में सपने प्राइवेट रखो ताकि कोई मजाक न उड़ाए। विकसित भारत@2047 का लक्ष्य याद दिलाया – स्वच्छता, स्वदेशी प्रोडक्ट्स यूज करो, सेल्फ-रिलायंस अपनाओ।
एआई, गेमिंग और टेक्नोलॉजी का सही उपयोग
- एआई पर कहा, “यह पीढ़ी टेक्नोलॉजी के साथ है, इसका सही और बुद्धिमानी से उपयोग करो
- बायोग्राफी ढूंढने में मदद लो, लेकिन शॉर्टकट मत लो।” गेमिंग पर – ठीक है
- लेकिन जुआ ऐप्स से दूर रहो। भारतीय संस्कृति पर आधारित गेम्स बनाओ, इसे स्किल में बदलो।
- इंटरनेट ज्यादा यूज मत करो, स्किल्स और हॉबीज पर फोकस करो।
परीक्षा को उत्सव बनाएं!
- परीक्षा पे चर्चा 2026 छात्रों की मेंटल हेल्थ, मोटिवेशन और
- आत्मविश्वास का बड़ा प्लेटफॉर्म है। पीएम मोदी ने इसे दोस्ताना संवाद बनाया
- जहां वे हंसते-बोलते सवालों के जवाब देते नजर आए। छात्रों ने कहा
- उनकी सलाह से लगा कि मैं कर सकता हूं।”