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नई दिल्ली राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को कहा ‘गद्दार दोस्त संसद परिसर में हुई तीखी नोकझोंक

On: February 4, 2026 8:56 AM
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नई दिल्ली : संसद भवन परिसर में 4 फरवरी 2026 को एक दिलचस्प राजनीतिक घटना देखने को मिली, जहां लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया। यह घटना बजट सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के बीच हुई, जब दोनों नेता आमने-सामने आ गए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें राहुल गांधी के व्यंग्यात्मक तंज और बिट्टू के पलटवार ने सुर्खियां बटोरी हैं।

क्या हुआ था संसद के मकर द्वार पर?

बजट सत्र की शुरुआत में लोकसभा से निलंबित 8 विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी भी उनके साथ मौजूद थे और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ा रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। राहुल गांधी ने उन्हें देखते ही इशारा करते हुए कहा, “देखो, यहां एक गद्दार चला आ रहा है। इसके चेहरे को देखिए।”

नई दिल्ली
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जब बिट्टू नजदीक पहुंचे, तो राहुल ने हाथ बढ़ाकर व्यंग्य भरे लहजे में कहा, “हैलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, यहीं वापस आओगे।” आसपास खड़े कांग्रेस सांसद इस पर हंस पड़े। हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया और पलटवार करते हुए कहा, “देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने राहुल गांधी और प्रदर्शनकारी सांसदों को ‘देश का दुश्मन’ करार दिया।

  • यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
  • राहुल गांधी के इस बयान का कारण बिट्टू का पार्टी बदलना है, जो कभी कांग्रेस में उनके करीबी रहे थे।

नई दिल्ली रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर: कांग्रेस से BJP तक

  • रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के जाने-माने नेता हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पोते हैं
  • और लंबे समय तक कांग्रेस के साथ जुड़े रहे। 2009 में आनंदपुर साहिब, 2014 और 2019 में
  • लुधियाना से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए। राहुल गांधी के साथ उनकी नजदीकियां भी रही हैं
  • और वे पंजाब कांग्रेस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बिट्टू ने कांग्रेस छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। लुधियाना सीट से BJP के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसके बावजूद BJP ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी और रेल मंत्रालय तथा खाद्य प्रसंस्करण में राज्य मंत्री बनाया। यह दल-बदल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि बिट्टू को पार्टी का मजबूत सिख चेहरा माना जाता था।

राहुल गांधी का ‘गद्दार’ कहना इसी दल-बदल से जुड़ा है। कांग्रेस नेता अक्सर ऐसे नेताओं को ‘गद्दार’ या ‘दलाल’ कहकर संबोधित करते हैं, जो पार्टी छोड़कर सत्ताधारी दल में चले जाते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और महत्व

  • यह घटना संसद के मौजूदा माहौल को दर्शाती है, जहां बजट सत्र के दौरान विपक्ष
  • अमेरिका के साथ डील और अन्य मुद्दों पर सरकार पर हमलावर है।
  • निलंबित सांसदों का प्रदर्शन जारी है, और ऐसे में छोटी-छोटी नोकझोंक बड़ी बहस बन जाती हैं।
  • बीजेपी पक्ष से बिट्टू के समर्थक इसे राहुल गांधी की ‘अशोभनीय भाषा’ बता रहे हैं
  • जबकि कांग्रेस समर्थक इसे दल-बदल के खिलाफ सही तंज मानते हैं।
  • यह घटना राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते वैमनस्य को भी उजागर करती है
  • जहां पुराने साथी आज आमने-सामने हैं।

कुल मिलाकर, संसद परिसर में हुई यह जुबानी जंग राजनीति की वो सच्चाई दिखाती है, जहां दोस्ती और दुश्मनी पार्टी लाइन से तय होती है। क्या बिट्टू कभी वापस लौटेंगे, या यह सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है? समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, ‘गद्दार दोस्त’ और ‘देश का दुश्मन’ जैसे शब्द राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

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