उत्तर प्रदेश SIR अपडेट : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में बड़ा अपडेट आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों की समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक अपने नाम जुड़वाने, कटवाने या सुधार कराने के लिए फॉर्म जमा कर सकेंगे। नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक जारी रहेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित होगी। यह फैसला मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने 6 फरवरी 2026 को घोषित किया।
SIR प्रक्रिया का बैकग्राउंड और महत्व
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भारत निर्वाचन आयोग की एक बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उत्तर प्रदेश में यह अभियान अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था। ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जबकि 2.89 करोड़ नाम काटे गए हैं। इसमें मृतक, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लिकेट नाम शामिल हैं। अब तक प्रतिदिन ढाई से तीन लाख लोग फॉर्म-6 भरकर नए मतदाता बन रहे हैं। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख फॉर्म आए, और 5 फरवरी को रिकॉर्ड 3.51 लाख फॉर्म जमा हुए।

समय सीमा बढ़ाने का कारण
मूल रूप से दावे-आपत्ति की अंतिम तिथि 6 फरव्ररी थी, लेकिन बड़ी संख्या में आवेदन और नोटिस जारी होने में देरी के कारण समय बढ़ाया गया। कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी करने की जरूरत है – जिनमें 2003 की पुरानी सूची से मिलान न होने वाले और तार्किक विसंगति वाले शामिल हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन 1.53 करोड़ अभी बाकी हैं। सुनवाई में केवल 13 प्रतिशत (30.30 लाख में से) ही पूरी हो पाई है। इसलिए मतदाताओं को ठीक से दावा-आपत्ति करने का अतिरिक्त समय दिया गया है।
नई समय-सारिणी और प्रक्रिया!
- दावे और आपत्तियां जमा करने की नई अंतिम तिथि: 6 मार्च 2026 तक।
- नोटिस पर सुनवाई: 27 मार्च 2026 तक (हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ स्तर पर)।
- अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 10 अप्रैल 2026।
- कुल 8990 एईआरओ (उप-निर्वाचन अधिकारी) इस कार्य में लगे हैं।
मतदाता फॉर्म-6 से नाम जुड़वा सकते हैं, फॉर्म-7 से नाम कटवा सकते हैं। नाम जांचने के लिए NVSP पोर्टल या Voter Helpline ऐप का उपयोग करें।
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- यह समय विस्तार लाखों युवाओं, महिलाओं और नए मतदाताओं के लिए राहत है।
- अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, गलत है या पुरानी सूची से मैच नहीं कर रहा
- तो तुरंत कार्रवाई करें। SIR से मतदाता सूची अधिक समावेशी बनेगी
- जिससे आगामी निकाय चुनावों और अन्य चुनावों में ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित होगी।
- राजनीतिक दलों ने भी इस प्रक्रिया का समर्थन किया है।
- अगर आप वाराणसी या यूपी के किसी भी जिले में हैं, तो अपने बूथ लेवल ऑफिसर
- (बीएलओ) से संपर्क करें या ऑनलाइन चेक करें। समय पर कार्रवाई न करने से नाम अंतिम सूची से बाहर हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश SIR 2026 अब और पारदर्शी हो रहा है। एक महीने का अतिरिक्त समय
- मतदाताओं को अपना अधिकार सुरक्षित करने का मौका दे रहा है।
- जल्दी से नाम जुड़वाएं और मतदाता सूची को मजबूत बनाएं!