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सार्थक सिद्धांत पब्लिक पोर्टल 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने लॉन्च किया पब्लिक पोर्टल 1.66 करोड़ सरकारी खरीद रिकॉर्ड किए सार्वजनिक

On: June 27, 2026 10:29 AM
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सार्थक सिद्धांत पब्लिक पोर्टल आज के समय में जहां डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, वहीं एक 12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत ने ऐसा काम किया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सीबीएसई की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने के बाद अब उन्होंने सरकारी खरीद (Central Public Procurement – CPP) से जुड़े लगभग 1.66 करोड़ रिकॉर्ड का एक सार्वजनिक पोर्टल लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रिया को आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और पत्रकारों के लिए अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है।

सार्थक सिद्धांत पब्लिक पोर्टल
सार्थक सिद्धांत पब्लिक पोर्टल 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सरकारी खरीद रिकॉर्ड का पब्लिक पोर्टल लॉन्च किया।

क्या है सार्थक सिद्धांत का नया पोर्टल?

सार्थक सिद्धांत द्वारा लॉन्च किए गए इस पोर्टल में भारत सरकार के Central Public Procurement (CPP) Portal से प्राप्त लगभग 1.66 करोड़ सरकारी खरीद रिकॉर्ड उपलब्ध कराए गए हैं। उनका दावा है कि पिछले दो सप्ताह में इन रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित रूप से एकत्र कर ऐसा प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया गया, जहां कोई भी व्यक्ति सरकारी खरीद से जुड़ी जानकारी आसानी से खोज और विश्लेषण कर सकता है।

क्यों खास है यह पहल?

भारत में सरकारी विभाग हर साल हजारों करोड़ रुपये की खरीद और टेंडर जारी करते हैं। आम नागरिकों के लिए इन रिकॉर्ड्स तक पहुंचना और उनका विश्लेषण करना आसान नहीं होता। सार्थक सिद्धांत का यह पोर्टल इसी समस्या का समाधान करने की कोशिश करता है।

  • इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से शोधकर्ता, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और
  • आम नागरिक सरकारी खरीद प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
  • इससे सार्वजनिक खर्च में पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

पहले भी सुर्खियों में रहे थे सार्थक सिद्धांत

सार्थक सिद्धांत इससे पहले भी चर्चा में आ चुके हैं। उन्होंने सीबीएसई की On-Screen Marking (OSM) प्रणाली और टेंडर दस्तावेजों का अध्ययन कर कुछ सवाल उठाए थे। उनके विश्लेषण ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ी थी और मामला संसदीय समिति तक भी पहुंचा था। इसके बाद अब उन्होंने सरकारी खरीद से जुड़े डेटा को सार्वजनिक कर एक नई पहल की है।

पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

  • सार्थक सिद्धांत का कहना है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता तभी मजबूत होगी
  • जब सार्वजनिक जानकारी आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होगी।
  • उन्होंने लोगों से इस डेटा का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने और आवश्यक विश्लेषण करने की अपील भी की है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सार्वजनिक डेटा को सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाए
  • तो इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिल सकती है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

  • सार्थक सिद्धांत की यह पहल दिखाती है कि उम्र किसी बड़े बदलाव की बाधा नहीं होती।
  • एक स्कूल छात्र द्वारा इतने बड़े स्तर पर डेटा विश्लेषण और सार्वजनिक हित
  • में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म तैयार करना देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
  • आज के डिजिटल युग में यदि तकनीक और शोध का सही उपयोग किया जाए
  • तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सार्थक सिद्धांत पब्लिक पोर्टल क्या होगा इसका असर?

  • यदि इस प्रकार के सार्वजनिक डेटा पोर्टल का व्यापक उपयोग होता है
  • तो सरकारी खरीद प्रक्रिया पर नागरिकों की निगरानी बढ़ सकती है।
  • पत्रकारों और शोधकर्ताओं को भी तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने में सुविधा मिलेगी।
  • इससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

हालांकि, किसी भी डेटा के विश्लेषण और उससे निकाले गए निष्कर्षों का मूल्यांकन तथ्यों और आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत द्वारा लॉन्च किया गया यह पब्लिक पोर्टल तकनीक और पारदर्शिता का एक अनूठा उदाहरण है। लगभग 1.66 करोड़ सरकारी खरीद रिकॉर्ड को एक जगह उपलब्ध कराना आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और मीडिया के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह पहल सरकारी खरीद प्रणाली को समझने और सार्वजनिक जवाबदेही को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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