स्ट्रेट ऑफ होर्मुज : (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलडमरूमध्यों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है। हालिया अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान ने अपना रुख नरम करते हुए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इस प्रस्ताव से हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और वैश्विक तेल व्यापार सामान्य हो सकेगा?
16 अप्रैल 2026 को रॉयटर्स की रिपोर्ट में तेहरान से जुड़े सूत्रों के हवाले से खुलासा किया गया कि ईरान ओमान की तरफ से जहाजों को बिना किसी हमले के खतरे के गुजरने की अनुमति देने पर विचार कर सकता है। यह प्रस्ताव अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत का हिस्सा है।

ईरान का नया ऑफर क्या है?
ईरान ने अमेरिका को सशर्त प्रस्ताव दिया है। सूत्र के अनुसार, “अगर समझौता हो जाता है तो ईरान ओमान वाले हिस्से से जहाजों को सुरक्षित गुजरने दे सकता है।” हालांकि, यह ऑफर कुछ शर्तों पर आधारित है। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी मुख्य मांगों को मान ले, खासकर संप्रभुता और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर।
- #ईरान ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा।
- प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि क्या ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटाई जाएंगी
- और इजरायल से जुड़े जहाजों को भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी या नहीं – ये सवाल अभी अनसुलझे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव की पृष्ठभूमि
- पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।
- ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था।
- जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी (blockade)
- लगाने का ऐलान किया। अमेरिकी नौसेना ने भी बल प्रयोग की चेतावनी दी।
ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा, “अगले दो दिनों में कुछ भी हो सकता है और हम वहां जाने के लिए तैयार हैं।” इस्लामाबाद में हुई पहली दौर की शांति वार्ता बेनतीजा रही। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर “गोलपोस्ट बदलने” का आरोप लगाया।
अब दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है। पाकिस्तान इस प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी बुधवार को तेहरान पहुंचे।
वैश्विक प्रभाव: तेल की कीमतें और व्यापार
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत, चीन और यूरोप
- जैसे बड़े आयातक देशों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। तेल की कीमतें बढ़ी हैं
- और शिपिंग लागत व बीमा प्रीमियम में उछाल आया है।
- ईरान का नया प्रस्ताव अगर सफल होता है तो तेल बाजार को राहत मिल सकती है।
- भारत ने हाल ही में ईरानी तेल आयात फिर शुरू किया था, लेकिन अमेरिकी वेवर की
- समयसीमा खत्म होने पर विकल्प तलाश रहा है।
क्या होगा आगे?
अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान के इस नए ऑफर पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्ष समझौते पर पहुंच गए तो हॉर्मुज जल्द ही सामान्य नौवहन के लिए खुल सकता है। लेकिन कई चुनौतियां बाकी हैं – जैसे बारूदी सुरंगें हटाना, इजरायल से जुड़े जहाजों की सुरक्षा और दीर्घकालिक शांति समझौता।
- ईरान ने कहा है कि वह युद्ध के बाद जलडमरूमध्य को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाने
- को तैयार है, लेकिन फिलहाल वह अपनी रणनीतिक स्थिति बनाए रखना चाहता है।
ईरान का रुख नरम पड़ना और अमेरिका को नया ऑफर देना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट में सकारात्मक संकेत है। अगर दूसरे दौर की बातचीत सफल रही तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन ट्रंप प्रशासन की कड़ी शर्तें और ईरान की संप्रभुता संबंधी चिंताएं अभी भी बाधा बन सकती हैं।
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