महाराष्ट्र नागरी निकाय चुनाव : 17 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशंस) के चुनाव परिणाम आए, जिनमें मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नासिक, नागपुर आदि प्रमुख शहर शामिल हैं। महायुति गठबंधन (BJP + शिवसेना शिंदे गुट) ने धमाकेदार प्रदर्शन किया और राज्य की अधिकांश निगमों पर कब्जा जमाया। सबसे बड़ा झटका ठाकरे परिवार को लगा, जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एकजुटता के बावजूद BMC पर 25-28 साल पुरानी पकड़ टूट गई। यह परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाला है।
BMC में महायुति की ऐतिहासिक जीत: ठाकरे किला ढहा
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) – भारत की सबसे अमीर निगम (74,427 करोड़ का बजट) – में महायुति ने बहुमत हासिल किया। कुल 227 वार्डों में:
- BJP – 89 सीटें
- शिवसेना (शिंदे गुट) – 29 सीटें
- कुल महायुति – 118 सीटें (बहुमत 114)
शिवसेना (UBT) – 65 सीटें MNS (राज ठाकरे) – 6-8 सीटें कांग्रेस और अन्य पार्टियां पीछे रहीं।

यह पहली बार है जब ठाकरे परिवार BMC पर नियंत्रण खो चुका है। 2017 में एकजुट शिवसेना ने जीत हासिल की थी, लेकिन 2022 के विभाजन के बाद शिंदे गुट ने अलग राह चुनी। उद्धव और राज ठाकरे की 20 साल बाद एकजुटता भी काम नहीं आई।
यहां BMC चुनाव परिणाम और जीत के जश्न की कुछ तस्वीरें हैं:
ये इमेजेस BJP और महायुति कार्यकर्ताओं के उत्सव, BMC मुख्यालय के बाहर भीड़ और विजयी नेताओं को दिखाती हैं।
अन्य प्रमुख निगमों में महायुति का दबदबा
- पुणे (PMC), पिंपरी-चिंचवड़, नागपुर: BJP ने मजबूत प्रदर्शन किया और नियंत्रण बनाए रखा।
- ठाणे: शिंदे का गढ़, जहां शिवसेना (शिंदे) सबसे बड़ी पार्टी बनी (75 सीटें), कुल महायुति 103 सीटें।
- नासिक, नवि मुंबई, कल्याण-डोंबिवली: महायुति ने जीत दर्ज की।
- राज्य स्तर पर महायुति ने 25 में से 29 निगमों पर कब्जा किया। BJP अकेले 1441 वार्ड जीती, शिंदे शिवसेना 408।
ठाकरे भाइयों के लिए क्या मतलब? राजनीतिक विश्लेषण
- उद्धव ठाकरे ने मुंबई में राष्ट्रवाद और मराठी मानूस पर फोकस किया, लेकिन विकास और
- कल्याण योजनाओं के आगे यह कमजोर पड़ा। राज ठाकरे की MNS ने भी ज्यादा प्रभाव नहीं डाला।
- ठाकरे परिवार के लिए यह बड़ा झटका है – जल-जंगल-जमीन की बजाय विकास पर वोट पड़े।
शिंदे गुट के लिए भी चुनौती: BMC में सिर्फ 29 सीटें मिलीं, जबकि वे 90 पर लड़े। वे अपनी विरासत साबित नहीं कर पाए।
फडणवीस बने असली हीरो
- देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना विभाजन (2022) और MVA को कमजोर करने के बाद यह जीत हासिल की।
- उन्होंने विकास, मोदी की गारंटी और कल्याण योजनाओं पर फोकस किया। CM फडणवीस ने कहा
- “लोगों ने ईमानदारी और विकास को चुना।” अमित शाह, नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी।
- यहां फडणवीस, शिंदे और ठाकरे नेताओं की कुछ प्रमुख तस्वीरें हैं:
- ये फोटो फडणवीस की जीत के जश्न, शिंदे के साथ मीटिंग और ठाकरे भाइयों की रैली को दर्शाती हैं।
भविष्य पर प्रभाव: विधानसभा चुनाव का ट्रेलर?
यह परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में BJP की मजबूती दिखाता है। महायुति की जीत से 2029 लोकसभा और आने वाले चुनावों में फायदा मिल सकता है। MVA (महाविकास अघाड़ी) कमजोर हुई, जबकि अजित पवार की NCP भी पश्चिम महाराष्ट्र में पिछड़ी।