पीएम मोदी यूएई पहुंचे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंच गए। उनके विमान को UAE की वायुसेना के F-16 फाइटर जेट्स ने हवाई क्षेत्र में भव्य एस्कॉर्ट प्रदान किया। अबू धाबी हवाई अड्डे पर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद गर्मजोशी से स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह दौरा भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।

पीएम मोदी का भव्य स्वागत: F-16 जेट्स का शानदार एस्कॉर्ट
जैसे ही पीएम मोदी का विमान UAE के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, UAE एयर फोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने सुरक्षा घेरा बनाते हुए उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री के विमान से शूट किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। यह स्वागत न केवल सुरक्षा का प्रतीक है, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मित्रता का भी संदेश देता है।
अबू धाबी पहुंचते ही राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने पीएम मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, AI और IMEC प्रोजेक्ट जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
यूएई दौरे का महत्व: ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडराते खतरे के बीच यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी और बिन जायद के बीच LPG आपूर्ति, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी पर बड़ी डील की उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने पर फोकस है। IMEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) के बुनियादी ढांचे, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी पर भी चर्चा हो रही है। यह यात्रा भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगी।
पीएम मोदी यूएई पहुंचे पीएम मोदी का 5 देशों का महत्वपूर्ण दौरा
UAE दौरा पीएम मोदी के 5 देशों के दौरे की शुरुआत है। पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:
1. UAE (15 मई)
- राष्ट्रपति बिन जायद से द्विपक्षीय वार्ता
- ऊर्जा, AI, IMEC और रक्षा सहयोग पर फोकस
2. नीदरलैंड (15-17 मई)
- डच पीएम रॉब जेतेन, राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात
- सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन और जल प्रबंधन पर चर्चा
3. स्वीडन (17-18 मई)
- स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टरसन से वार्ता
- यूरोपीय राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री में संबोधन (Ursula von der Leyen के साथ)
- AI, हरित ऊर्जा और सप्लाई चेन पर फोकस
4. नॉर्वे (19 मई)
- तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी
- नॉर्वे पीएम जोनास गहर स्टोर से द्विपक्षीय बैठक
5. इटली (19-20 मई)
- इटली पीएम जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मुलाकात
- स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर जोर
यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने, यूरोप और खाड़ी देशों के साथ आर्थिक तथा रणनीतिक संबंधों को गहरा करने का बड़ा अवसर है।
भारत-UAE संबंध: बढ़ती साझेदारी
- UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय
- व्यापार लगातार बढ़ रहा है। UAE भारत में सबसे बड़ा FDI स्रोतों में शामिल है।
- पिछले वर्षों में पीएम मोदी की UAE यात्राओं ने संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है
- अब यह यात्रा उन संबंधों को और मजबूत करेगी।
पीएम मोदी की UAE यात्रा न केवल भव्य स्वागत के लिए चर्चा में है, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारी के भविष्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। F-16 जेट्स का एस्कॉर्ट और राष्ट्रपति बिन जायद का व्यक्तिगत स्वागत दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक है।