विदेश

Israel

स्पोर्ट्स

बॉलीवुड

जॉब - एजुकेशन

बिजनेस

लाइफस्टाइल

अन्य

---Advertisement---

केरल दलित मेडिकल छात्र नितिन राज की मौत लोन ऐप की 96 कॉल्स और जातिगत भेदभाव ने ली एक होनहार जिंदगी

On: May 22, 2026 2:40 AM
Follow Us:
---Advertisement---

केरल दलित मेडिकल छात्र : केरल के कन्नूर जिले में एक 22 वर्षीय दलित मेडिकल छात्र नितिन राज आरएल की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। 10 अप्रैल 2026 को कन्नूर डेंटल कॉलेज कैंपस की एक इमारत से गिरने के बाद नितिन की मौत हो गई। परिवार और छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में जातिगत भेदभाव, अपमान और एक ऑनलाइन लोन ऐप की लगातार धमकियों ने इस होनहार छात्र को आत्महत्या के रास्ते पर धकेल दिया। इस घटना ने शिक्षा संस्थानों में जातिवाद और शिकारी लोन ऐप्स की बढ़ती समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केरल दलित मेडिकल छात्र नितिन राज कौन थे?

नितिन राज तिरुवनंतपुरम के उझामलक्कल गांव के रहने वाले थे। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और मां मनरेगा में काम करती हैं। गरीब दलित परिवार से आने के बावजूद नितिन ने मेहनत से मेरिट पर कन्नूर डेंटल कॉलेज में बीडीएस (BDS) प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। वह एक होनहार छात्र थे, जो डॉक्टर बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहते थे। लेकिन कॉलेज पहुंचते ही उनके सपनों पर जाति और आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर हमले शुरू हो गए।

केरल दलित मेडिकल छात्र मामले से जुड़ी तस्वीर
केरल दलित मेडिकल छात्र मामला, जानें पूरी खबर

परिवार के अनुसार, कॉलेज के कुछ शिक्षकों ने नितिन की जाति, उनके रंग और परिवार की गरीबी को लेकर बार-बार अपमानित किया। एक बार तो उन्हें “slum dog” या “rotten dog” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। कक्षा में उनके सामने अन्य छात्रों को हंसाया जाता था। नितिन ने परिवार को बताया कि विभाग प्रमुख सहित दो शिक्षक उन्हें लगातार टारगेट कर रहे थे।

लोन ऐप की घातक धमकियां!

मौत से कुछ दिन पहले नितिन ने फरवरी में एक ऑनलाइन लोन ऐप से मात्र 13,500 रुपये का कर्ज लिया था। हाई इंटरेस्ट की वजह से एक महीने में 19,000 रुपये चुकाने का दबाव बन गया। 6 अप्रैल को उन्होंने 1,000 रुपये जमा भी किए, लेकिन ऐप वालों ने कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच बना ली और लगातार धमकियां देने शुरू कर दीं।

  • मौत से एक दिन पहले (9 अप्रैल) ऐप से जुड़े लोगों ने नितिन को 96 बार कॉल और मैसेज किए।
  • इतना ही नहीं, उन्होंने नितिन के एक शिक्षक को भी 26 बार कॉल किया।
  • शिक्षक ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की और प्रिंसिपल ने नितिन को अपने केबिन में बुलाया।
  • केबिन से बाहर आने के महज 10 मिनट बाद नितिन इमारत से गिर गए।
  • कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर निधिनराज पी ने बताया कि ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं था
  • बल्कि सोशल मीडिया लिंक्स से डाउनलोड किया गया था। पुलिस अब लोन ऐप ऑपरेटर्स की तलाश कर रही है।

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। आत्महत्या के लिए उकसाने (abetment to suicide) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। कॉलेज के दो शिक्षकों (एक विभाग प्रमुख सहित) को आरोपी बनाया गया है। दोनों को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

  • केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वाइस चांसलर डॉ. मोहनन कुन्नुमेल ने 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय
  • जांच टीम गठित की है। टीम की रिपोर्ट सीधे राज्यपाल को सौंपी जाएगी।
  • राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और परिवार को मदद

  • केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती पर इस घटना पर गहरा दुख जताया।
  • उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव एक अक्षम्य अपराध है।
  • उन्होंने केंद्र सरकार पर रोहित वेमुला एक्ट लागू न करने का आरोप भी लगाया।

विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता वीडी सतीशन ने घोषणा की कि पार्टी नितिन के परिवार के लिए नया घर बनवाएगी और शुरुआत में 5 लाख रुपये की मदद दी गई है। छात्र संगठनों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा में जातिवाद और लोन ऐप्स की समस्या!

  • यह मामला केवल एक छात्र की मौत नहीं है, बल्कि सिस्टम की विफलता को उजागर करता है।
  • कई दलित छात्र गरीबी और जातिगत पूर्वाग्रहों के कारण उच्च शिक्षा में संघर्ष करते हैं।
  • साथ ही, आसान लोन देने वाले शिकारी ऐप्स युवाओं को जाल में फंसाते हैं।
  • ये ऐप्स हाई इंटरेस्ट चार्ज करते हैं और रिकवरी के नाम पर मानसिक प्रताड़ना देते हैं।

नितिन का मामला रोहित वेमुला की याद दिलाता है, जहां जातिगत भेदभाव ने एक छात्र की जान ली थी। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेजों में काउंसलिंग सिस्टम मजबूत करने, SC/ST सेल को सक्रिय बनाने और लोन ऐप्स पर सख्त कानून लाने की जरूरत है।

न्याय की मांग

  • नितिन राज की मौत ने केरल की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं,
  • जहां साक्षरता दर ऊंची होने के बावजूद जातिवाद अभी भी मौजूद है।
  • परिवार को शक है कि मौत में कोई साजिश भी हो सकती है, इसलिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।

हम सभी को मिलकर सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी छात्र जाति, रंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर अपमानित न हो। शिक्षा संस्थान समावेशी और सुरक्षित होने चाहिए। नितिन जैसे छात्रों के सपनों को पूरा करने के लिए समाज और सरकार दोनों को जिम्मेदारी निभानी होगी।

Read More : iPhone Premium Smartphone क्यों है सबसे खास, जानिए इसकी दमदार परफॉर्मेंस और प्रीमियम फीचर्स का सच!

Read More : TCS नासिक मामले में सनसनी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धर्मांतरण के आरोप में 7 कर्मचारियों को जेल, कंपनी ने सस्पेंड किया!

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment