अजित पवार : महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायक दल की नेता सर्वसम्मति से चुना गया। इसके साथ ही शाम 5 बजे राज भवन, मुंबई में उन्होंने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह फैसला अजित पवार के विमान हादसे में निधन के महज कुछ दिनों बाद लिया गया, जिसने एनसीपी में नेतृत्व संकट पैदा कर दिया था। सुनेत्रा पवार अब अजित पवार के खाली हुए पद पर आसीन होकर पार्टी और गठबंधन सरकार में स्थिरता लाने की कोशिश कर रही हैं।
अजित पवार के निधन का राजनीतिक प्रभाव
#अजित पवार, जो एनसीपी (अजित गुट) के प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे, बारामती जाते समय विमान हादसे में बुधवार को चल बसे। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई। अजित पवार के पास वित्त, योजना, राज्य उत्पाद शुल्य, खेल और अल्पसंख्यक विभाग जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो थे। उनकी मौत ने महायुति सरकार (बीजेपी-एनसीपी-शिवसेना) में बड़ा संकट पैदा किया। एनसीपी में उत्तराधिकार की चर्चा तेज हो गई, और सुनेत्रा पवार को आगे लाकर पार्टी ने परिवारवाद और निरंतरता का संदेश दिया।

सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर
सुनेत्रा पवार (62 वर्ष) राज्यसभा सदस्य हैं (जून 2024 से)। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ा था, लेकिन एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले से हार गईं। राजनीतिक रूप से सक्रिय सुनेत्रा सामाजिक कार्यों में भी जुड़ी रही हैं। अब उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा और छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव लड़ना होगा। संभावना है कि वे अजित पवार की खाली बारामती सीट से उपचुनाव लड़ेंगी। बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने की भी चर्चा है।
विधायक दल बैठक और शपथ की प्रक्रिया!
- शनिवार दोपहर 2 बजे विधान भवन में एनसीपी की 40 विधायकों की बैठक हुई।
- इसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल नेता चुना गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को यह फैसला
- सूचित किया गया, जिन्होंने सहमति दी। शाम 5 बजे राज भवन में शपथ ग्रहण समारोह हुआ।
- शपथ के बाद सुनेत्रा को अजित पवार के अधिकांश विभाग (वित्त और योजना को छोड़कर) सौंपे गए।
एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा, “यह अच्छा फैसला है। लोग यही चाहते हैं। मौजूदा हालात में सुनेत्रा ताई को ही विधायक दल नेता और उपमुख्यमंत्री होना चाहिए।” वहीं, सुनील तटकरे ने कहा कि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।
शरद पवार गुट की प्रतिक्रिया और विवाद
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह उनकी पार्टी का फैसला होगा।” उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के फैसलों पर सवाल उठाए। शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहा कि “अजित पवार की चिता ठंडी भी नहीं हुई और शपथ की तैयारी।” यह बयान राजनीतिक विरोध को दर्शाता है।
महाराष्ट्र राजनीति पर प्रभाव
- यह घटना एनसीपी में एकता और महायुति सरकार की स्थिरता का संकेत है।
- सुनेत्रा पवार का चयन परिवार को आगे रखते हुए पार्टी को मजबूत करने का प्रयास है।
- महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की चर्चाएं भी तेज हैं। सुनेत्रा की उपमुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति
- राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम के रूप में इतिहास रचेगी। उम्मीद है
- कि वे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर मजबूत नेतृत्व दिखाएंगी।
यह विकास महाराष्ट्र की सियासत में नया अध्याय है, जहां दुखद घटना के बाद भी राजनीतिक निरंतरता बनी रही। फैंस और कार्यकर्ता सुनेत्रा पवार को बधाई दे रहे हैं।
Read More : BRICS डिजिटल पेमेंट सिस्टम डॉलर की धाक को चुनौती, ट्रंप की बेचैनी क्यों बढ़ रही है!