VCK मदुरै प्रदर्शन : तमिलनाडु की प्रमुख दलित राजनीतिक पार्टी विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने 22 दिसंबर 2025 को मदुरै में बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी के अध्यक्ष और चिदंबरम सांसद थोल थिरुमावलवन ने यह घोषणा की है। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य तिरुप्परंकुंद्रम (Thirupparankundram) में धार्मिक सद्भाव और शांति को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ‘साम्प्रदायिक और सनातन ताकतों’ की निंदा करना है। VCK का आरोप है कि ये ताकतें जानबूझकर धार्मिक तनाव पैदा कर रही हैं।
प्रदर्शन का कारण और पृष्ठभूमि
थोल थिरुमावलवन ने अपने बयान में कहा कि मोदी सरकार पहले राज्यपालों का इस्तेमाल कर विपक्षी राज्य सरकारों को बाधित करती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों ने इस प्रथा को रोक दिया। अब सरकार न्यायपालिका को हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायिक नियुक्तियों में हस्तक्षेप हो रहा है और RSS-BJP से जुड़े लोगों को जज बनाया जा रहा है, जो संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा है।

यह प्रदर्शन तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ी पर चल रहे विवाद से जुड़ा है, जहां मुरुगन मंदिर और दरगाह दोनों हैं। हाल में कार्तिगई दीपम उत्सव को लेकर कोर्ट के आदेश और राज्य सरकार की कार्रवाई पर विवाद हुआ था। VCK और अन्य विपक्षी दल इसे साम्प्रदायिक ताकतों की साजिश बता रहे हैं। थिरुमावलवन ने कहा कि मदुरै में धार्मिक सद्भाव बनाए रखना जरूरी है और ऐसी ताकतों को बेनकाब करना पार्टी का कर्तव्य है।
VCK तमिलनाडु में DMK गठबंधन का हिस्सा है और दलित अधिकारों, सामाजिक न्याय के लिए जाना जाता है। पार्टी अक्सर साम्प्रदायिकता और सनातन विचारधारा के खिलाफ आवाज उठाती है। यह प्रदर्शन तमिलनाडु की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकता है, खासकर BJP और हिंदू संगठनों के साथ।
प्रदर्शन की डिटेल्स
- तारीख: 22 दिसंबर 2025
- स्थान: मदुरै (तिरुप्परंकुंद्रम मुद्दे पर फोकस)
- आयोजक: विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK)
- मुख्य वक्ता: थोल थिरुमावलवन (VCK अध्यक्ष और सांसद)
पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन पुलिस से अनुमति और सुरक्षा की मांग की जा रही है। VCK के पिछले प्रदर्शनों में मदुरै में अच्छी भीड़ जुटती रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं!
- DMK और अन्य इंडिया गठबंधन दल इस मुद्दे पर VCK का समर्थन कर सकते हैं।
- दूसरी ओर, BJP इसे सनातन धर्म पर हमला बता रही है। हाल के कार्तिगई
- दीपम विवाद में भी यही आरोप-प्रत्यारोप चले थे। तमिलनाडु में धार्मिक सद्भाव बनाए
- रखने के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पहले भी सक्रिय रहे हैं।
- यह प्रदर्शन 2026 विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु की राजनीति को गर्माएगा।
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