वाराणसी कोर्ट में सनसनी : वाराणसी की अदालत में एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। गुरुवार को एसीजेएम षष्ठम (अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छठे) कोर्ट रूम में एक महिला ने जज के सामने ही अपने बैग से चाकू निकाल लिया और एक महिला अधिवक्ता को धमकी दे डाली। इस घटना से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
वाराणसी कोर्ट में सनसनी घटना का पूरा विवरण
मिर्जामुराद थाने के चंगवार बेनीपुर गांव की रहने वाली यह महिला करीब दो महीने पहले अपने परिजनों द्वारा की गई मारपीट के मामले में कोर्ट पहुंची थी। वह मेडिकल रिपोर्ट लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराने और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही थी। कोर्ट रूम में उसने एक महिला वकील से संपर्क किया और तुरंत अपने मामले में सख्त एक्शन लेने की जिद करने लगी।

महिला अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए बताया कि तुरंत कोई कार्रवाई संभव नहीं है, जिससे महिला काफी उग्र हो गई। बहस के दौरान अचानक महिला ने अपना बैग खोला और चाकू निकाल लिया। उसने महिला वकील को धमकाना शुरू कर दिया, जिससे पूरे कोर्ट रूम में खलबली मच गई। जज के सामने यह सब होने से मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
- गनीमत रही कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य वकीलों ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
- उन्होंने महिला को काबू में लिया और चाकू छीन लिया। घटना की सूचना मिलते ही
- कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया
- और उसके पास से बरामद चाकू को कब्जे में कर लिया।
महिला की मानसिक स्थिति और जांच
- प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को संकेत मिले हैं कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
- वह पारिवारिक विवाद और मारपीट को लेकर काफी तनाव में थी।
- बार-बार अपनी पीड़ा का जिक्र कर रही थी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है
- कि इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद महिला चाकू लेकर कोर्ट रूम तक कैसे पहुंच गई।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से वाराणसी कोर्ट परिसर में बम धमाके की धमकियां मिल रही थीं। इसके चलते चेकिंग और सिक्योरिटी चेकअप बढ़ा दिए गए थे। ऐसे में चाकू लेकर अंदर प्रवेश एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है।
कोर्ट में हिंसा के बढ़ते मामले
- यह घटना न्यायिक व्यवस्था में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- कोर्ट परिसर में हथियार लेकर प्रवेश और वह भी जज के सामने धमकी देना बेहद गंभीर अपराध है।
- भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 307 (हत्या का प्रयास) जैसी
- धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, महिला की मानसिक स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है।
ऐसी घटनाएं समाज में कानून का डर कम होने और तनावपूर्ण पारिवारिक रिश्तों का संकेत देती हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में न्याय मिलने में देरी से पीड़ित उग्र हो जाते हैं, जो खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है।
वाराणसी कोर्ट में चाकू निकालने की यह घटना एक चेतावनी है कि अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। मेटल डिटेक्टर, सख्त चेकिंग और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। साथ ही, पारिवारिक विवादों में जल्द सुनवाई और मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर ध्यान देना होगा।
Read More : Naturesum Supplement Review – रोज़ाना हेल्थ सपोर्ट के लिए क्या यह सही है?