उत्तर प्रदेश गोबर गैस : उत्तर प्रदेश सरकार ने LPG संकट से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोबर गैस प्लांट (बायोगैस प्लांट) स्थापित करने के काम को मिशन मोड में शुरू करने के आदेश दिए हैं। खाड़ी क्षेत्र (पश्चिम एशिया) में चल रहे ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में सरकार गोबर से बनी गैस को LPG का विकल्प बनाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है।
प्रदेश में वर्तमान में 7527 गौशालाएं (गो-आश्रय स्थल) संचालित हैं, जिनमें 12.39 लाख से अधिक गोवंशीय पशु पाले जा रहे हैं। सरकार की योजना है कि इन सभी गौशालाओं से शुरुआत करते हुए बड़े पैमाने पर गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे। बाद में निजी पशुपालकों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश गोबर गैस वर्तमान स्थिति और पहले के प्रयास
फिलहाल प्रदेश के 80 बड़े गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट पहले से ही स्थापित और पूरी तरह क्रियाशील हैं। इन प्लांट्स से प्राप्त गैस का उपयोग रसोई के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरक्ष पीठ में भी गोबर गैस प्लांट लगा हुआ है, जहां इस गैस से भोजन पकाया जाता है और गोबर की खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ाई जाती है।
उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सस्ती गोबर गैस की व्यवस्था लोगों को भारी राहत देगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को मिशन मोड पर शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।
LPG संकट क्यों आया?
वर्तमान में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे LPG (रसोई गैस) की कीमतें और उपलब्धता पर असर पड़ने की आशंका है। कई राज्यों में अफवाहें और पैनिक बाइंग देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही अफवाह फैलाने वालों और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही घर-घर LPG डिलीवरी को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गोबर गैस प्लांट इस संकट का स्थायी और स्वदेशी समाधान साबित हो सकते हैं।
गोबर गैस प्लांट के फायदे!
- LPG पर निर्भरता कम — ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और उपलब्ध रसोई गैस मिलेगी।
- पर्यावरण संरक्षण — गोबर से बायोगैस बनने से मीथेन गैस का उत्सर्जन कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा बनेगी।
- खाद का उत्पादन — प्लांट से निकलने वाली खाद यूरिया और अन्य रासायनिक खादों
- का बेहतरीन विकल्प है, जो खेती को प्राकृतिक और सस्ता बनाएगी।
- आत्मनिर्भरता — गौशालाओं और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा।
- स्वच्छता — गोबर के सही प्रबंधन से गांवों में सफाई बढ़ेगी।
सरकार की अन्य पहल
योगी सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख गौ पालकों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द कर चुकी है। CBG (Compressed Biogas) प्लांट्स भी प्रदेश में बढ़ाए जा रहे हैं। जालौन जैसे जिलों में पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं जहां गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल रही तो उत्तर प्रदेश न सिर्फ LPG संकट
- से निपटने में आगे रहेगा बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर भी मजबूत कदम बढ़ाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
- गोबर गैस प्लांट छोटे-बड़े स्तर पर लगाए जा सकते हैं। एक सामान्य प्लांट
- में रोजाना 25 किलो गोबर से लगभग 1 घन मीटर बायोगैस बन सकती है।
- अगर 7527 गौशालाओं में बड़े पैमाने पर प्लांट लग गए तो लाखों घरों की रसोई गोबर गैस से चल सकती है।
- साथ ही पशुपालकों को गोबर बेचकर अतिरिक्त आय होगी।
- यह योजना स्वच्छ भारत अभियान, नमामि गंगे और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों से भी जुड़ी हुई है।
चुनौतियां और समाधान
- गोबर संग्रहण और प्लांट रखरखाव की व्यवस्था करनी होगी।
- ग्रामीणों को प्रशिक्षण देना जरूरी है।
- सब्सिडी और तकनीकी सहायता प्रदान करके योजना को तेजी से लागू किया जाएगा।
सरकार का फोकस पहले गौशालाओं पर है, फिर इसे पूरे गांव स्तर तक ले जाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोबर गैस प्लांट मिशन मोड में लगाने का आदेश वर्तमान LPG संकट का दूरदर्शी समाधान है। यह कदम न सिर्फ रसोई गैस की समस्या दूर करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। गाय को आर्थिक रूप से उपयोगी बनाने की यह पहल उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा दे सकती है।
जैसा कि गो-सेवा आयोग अध्यक्ष ने कहा — “संकट की इस घड़ी में सस्ती गोबर गैस लोगों को भारी राहत देगी।” अब देखना यह है कि मिशन मोड में यह योजना कितनी तेजी से ग्राउंड पर उतरती है।
Read More : Best Ac Brand India Lloyd AC जो 52°C में भी देगा ठंडक – क्या यह आपके लिए सही है!