ट्रम्प न्यूज़ : मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वैश्विक राजनीति का केंद्र बन गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए कई देशों का गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
हालांकि उनकी इस योजना को सभी देशों का समर्थन नहीं मिल रहा है। कुछ देशों ने इस अभियान में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

ट्रम्प न्यूज़ क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज़ जलडमरूमध्य
होर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला एक संकरा समुद्री मार्ग है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए अगर यह मार्ग बंद हो जाता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
- हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
- इसके जवाब में ईरान ने इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को सीमित कर दिया
- जिससे कई जहाजों को मार्ग बदलना पड़ा और तेल की कीमतों में तेजी आ गई।
ट्रम्प की नई रणनीति: देशों का गठबंधन
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने करीब सात देशों से संपर्क किया है और उनसे अपील की है कि वे अपने युद्धपोत भेजकर इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा करें। उनका कहना है कि जो देश इस रास्ते से तेल प्राप्त करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
- ट्रम्प के अनुसार चीन, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया जैसे देश इस
- मार्ग से तेल पर काफी निर्भर हैं, इसलिए उन्हें इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
- ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका को इस मार्ग से बहुत कम तेल मिलता है
- इसलिए अन्य देशों को आगे आकर इसकी सुरक्षा में सहयोग करना चाहिए।
कुछ देशों ने दिखाया संकोच
- हालांकि ट्रम्प की इस योजना को लेकर कई देशों ने सावधानी भरा रुख अपनाया है।
- जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने फिलहाल इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजने की योजना से इनकार कर दिया है।
- इसी तरह यूरोप के कई देशों ने भी कहा है कि वे स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं
- और किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले सोच-समझकर फैसला लिया जाएगा।
- कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ब्रिटेन ने अपने विमानवाहक पोत को खतरे
- में डालने से इनकार किया है, जिससे ट्रम्प की योजना को झटका लगा है।
ईरान का क्या कहना है!
ईरान ने कहा है कि यह जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
#ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल ने पहले हमला किया, जिसके बाद यह संघर्ष शुरू हुआ। इसी कारण उसने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और कई जहाजों को रोकने की चेतावनी भी दी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है।
- जब भी इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है, तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा
- तो दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- इससे महंगाई भी बढ़ने का खतरा रहता है।
- इसके अलावा कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
क्या आगे बढ़ेगा तनाव?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संकट और गंभीर हो सकता है। अगर देशों का गठबंधन बनता है और युद्धपोत इस क्षेत्र में तैनात किए जाते हैं तो तनाव और बढ़ सकता है।
- हालांकि कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश भी जारी है।
- कई देश चाहते हैं कि इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान निकले ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य का संकट केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व का मुद्दा बन चुका है।
- ट्रम्प द्वारा बनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का भविष्य अभी अनिश्चित है
- क्योंकि कई देशों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या देशों का यह गठबंधन बन पाता है या कूटनीतिक समाधान के जरिए इस संकट को टाला जा सकेगा।