राहुल गांधी संसद बयान : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में संसद परिसर में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एलपीजी गैस की कथित कमी और बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि “संसद से नरेंद्र गायब हैं और देश से सिलेंडर गायब हैं।” यह बयान संसद के बाहर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान दिया गया।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है और सरकार तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
दरअसल, देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और कीमतों को लेकर विपक्षी दलों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसद इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी भी अन्य सांसदों के साथ मौजूद थे और उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की कमी की खबरें आ रही हैं, जिससे आम लोगों और छोटे व्यवसायों को परेशानी हो रही है।
विपक्ष का कहना है कि रसोई गैस की समस्या पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से जवाब नहीं दे रही है।
राहुल गांधी का तंज
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब देश में गैस सिलेंडर की समस्या बढ़ रही है, तब सरकार इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा नहीं कर रही।
उन्होंने कहा,
“संसद से नरेंद्र गायब हैं और देश से सिलेंडर गायब हैं।”
- उनका यह बयान तुरंत सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
- विपक्षी दलों के कुछ सांसदों ने भी इसी तरह के नारे लगाए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष का आरोप
- विपक्ष का आरोप है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में चल रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों
- के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
- कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजार
- में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे गैस की कीमतों और आपूर्ति पर असर पड़ा है।
- विपक्ष का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर संसद में स्पष्ट बयान देना चाहिए और
- आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सरकार का जवाब
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से अपील की थी कि वे घबराएं नहीं और
- सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
- सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव आ सकता है
- लेकिन भारत अपने नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
संसद में बढ़ता राजनीतिक तनाव
- इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक माहौल गरम हो गया है।
- विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्ताधारी दल का कहना है
- कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश कर रहा है।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह
- मुद्दा संसद में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
आम जनता पर असर
- एलपीजी सिलेंडर भारत में करोड़ों परिवारों की रसोई से जुड़ा महत्वपूर्ण संसाधन है।
- यदि गैस की आपूर्ति में कमी या कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा
- असर आम लोगों, होटल-रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ता है।
- इसी कारण विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से स्पष्ट नीति और समाधान की मांग कर रहा है।
राहुल गांधी का यह बयान कि “संसद से नरेंद्र गायब और देश से सिलेंडर गायब” राजनीतिक बयानबाजी का एक नया उदाहरण बन गया है।
एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच चल रही बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में क्या जवाब देती है और आम जनता को राहत देने के लिए कौन-से कदम उठाए जाते हैं।
Read More : Rowing Machine 2026 घर बैठे Full Body Workout के लिए सबसे पावरफुल फिटनेस मशीन!
Read More : ऑस्कर 2026 से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई, ईरान ड्रोन हमले की आशंका के बीच आयोजकों ने दी सफाई